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Bharatiya Sanskriti ke Rakshak Sant   

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Author Justice Shambhu Nath Srivastava
Features
  • ISBN : 9789387968110
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Justice Shambhu Nath Srivastava
  • 9789387968110
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2018
  • 240
  • Hard Cover

Description

सनातन भारतीय संस्कृति सृष्टि के आदिकाल से ही अपने चिरंतन मानवीय मूल्यों के साथ प्रवाहित रहती है। विश्व के अधिकांश देशों में जहाँ इसलाम पहुँचा, वहाँ के निवासी मुसलिम बना दिए गए। भारत में 712 ई. से सत्रहवीं शताब्दी तक इसलाम का शासन विभिन्न क्षेत्रों में था, परंतु 1000 वर्ष के इस विदेशी मुसलिम शासन काल में भारतीय जनमानस पर विदेशी आक्रमण की समस्त क्रूर विद्रूपताओं के बावजूद अपने चिरंतन उदात्त मानवीय मूल्यों के संवाहक संतों के कारण यह भारतीय संस्कृति आज भी अजस्र रूप से प्रवाहित हो रही है। इस राजनीतिक पराभव काल में भारत के महान् संतों ने संपूर्ण भारत के गाँव-गाँव में हिंदू जनता को सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं  आध्यात्मिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित रखा। 
प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे स्वनामधन्य पूज्यपाद संतों व उनके जीवन चरित का उल्लेख किया गया है, जिनके कारण भारतीय संस्कृति आज भी संरक्षित है। 
गौरवशाली भारतीय संस्कृति के ऐसे रक्षक संतों का पुण्य स्मरण है यह पुस्तक, जिनका प्रेरणाप्रद जीवन हर हिंदू के धर्म-आस्था-श्रद्धा और विश्वास को बल एवं शक्ति देता है।

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अनुक्रम

संदेश —Pgs. 7-9

आमुख —Pgs. 11

भारतीय सांस्कृतिक सातत्य एवं अक्षुण्णता में भारतीय साधु-संतों का योगदान   इसलाम एवं ईसाई पंथी शासकों के कालखंड —Pgs. 15

आत्मसंस्कृतिर्वाव शिल्पानि —Pgs. 25

1. संत अखा —Pgs. 33

2. महात्मा अन्नमचार्य —Pgs. 34

3. गुरु अमरदास —Pgs. 34

4. गुरु अर्जुनदेव —Pgs. 35

5. महायोगी अरविंद —Pgs. 37

6. योगिनी आंडाल रंगनायकी —Pgs. 39

7. गुरु अंगददेव —Pgs. 40

8. संत आपा साहब —Pgs. 41

9. संत उड़िया बाबा —Pgs. 42

10. उदासी संप्रदाय —Pgs. 43

11. महात्मा एकनाथ —Pgs. 43

12. महात्मा संत कबीरदासजी —Pgs. 44

13. महात्मा कुंभनदास —Pgs. 52

14. संत काठिया बाबा —Pgs. 52

15. संत कृष्णदास —Pgs. 53

16. बाबा कीनाराम —Pgs. 54

17. महात्मा कृष्णदास —Pgs. 54

18. महायोगी गोरखनाथ —Pgs. 55

19. संत गरीबदास तथा गरीब पंथ —Pgs. 61

20. संत गोविंददास —Pgs. 62

21. महात्मा योगीराज गंभीरनाथ —Pgs. 63

22. गुरु गोविंद सिंहजी —Pgs. 65

23. संत गुलाल साहब —Pgs. 81

24. संत गरीबदास —Pgs. 82

25. संत गदाधर भट्ट —Pgs. 82

26. गुरु घासीदास —Pgs. 83

27. चैतन्य महाप्रभु —Pgs. 85

28. महात्मा चतुर्भुजदास —Pgs. 88

29. महात्मा चंद्रशेखरेंद्र भारती —Pgs. 88

30. महात्मा चरणदास —Pgs. 89

31. महात्मा छीत स्वामी —Pgs. 89

32. रसिक संत जयदेव —Pgs. 90

33. संत जगजीवन साहब —Pgs. 91

34. महात्मा ज्योतिबा फुले —Pgs. 91

35. संत भक्त जैतरामजी महाराज —Pgs. 92

36. संत जंभनाथजी एवं विश्नोई संप्रदाय —Pgs. 93

37. साईं झूलेलाल —Pgs. 94

38. गोस्वामी तुलसीदास —Pgs. 95

39. महात्मा तैलंग स्वामी  —Pgs. 96

40. संत त्यागराज —Pgs. 97

41. संत तुकाराम —Pgs. 97

42. गुरु तेगबहादुर —Pgs. 98

43. स्वामी दयानंद सरस्वती —Pgs. 101

44. संत दादू —Pgs. 108

45. संत दयाराम भाई —Pgs. 109

46. संत देवरहा बाबा —Pgs. 109

47. संत दयाबाई —Pgs. 110

48. संत दुलनदास  —Pgs. 110

49. संत दरिया साहब —Pgs. 111

50. महात्मा धरनीदास —Pgs. 112

51. संत धरमदास —Pgs. 112

52. श्रीहित ध्रुवदासजी —Pgs. 113

नाथ संप्रदाय के प्रमुख संत

नाथपंथ के 84 सिद्ध महात्मा —Pgs. 117

1. मत्स्येंद्रनाथ —Pgs. 119

2. नामधारी अथवा कूका संप्रदाय —Pgs. 120

3. स्वामी नितानंद एवं नितानंदी पंथ —Pgs. 121

4. महर्षि नवल महाराज —Pgs. 122

5. श्री नारायण गुरु —Pgs. 123

6. रसिक संत नागरीदास —Pgs. 124

7. गुरु नानक देवजी —Pgs. 124

8. संत नागा निरंकारी —Pgs. 126

9. रसिक संत नंददास —Pgs. 126

10. निर्मला संप्रदाय —Pgs. 127

11. संत नजीर  —Pgs. 127

12. परम वैष्णव नरसी मेहता —Pgs. 128

13. संत नामदेव —Pgs. 129

14. आचार्य निम्बार्क  —Pgs. 129

15. संत पीपा —Pgs. 130

16. महर्षि पतंजलि —Pgs. 131

17. संत पलटू दास —Pgs. 131

18. संत परमानंद एवं परमानंदी —Pgs. 132

19. संत पद्मनाभ —Pgs. 132

20. संत परमानंद दास —Pgs. 133

21. संत प्रीतमदास —Pgs. 133

22. महात्मा श्री योगानंद परमहंस —Pgs. 134

23. महात्मा पागल हरनाथ —Pgs. 135

24. प्रकट ब्रह्मस्वरूप प्रमुख स्वामी महाराज —Pgs. 136

25. संत बेनी —Pgs. 137

26. महात्मा बंदा बैरागी —Pgs. 137

27. संत बसवेश्वर —Pgs. 139

28. प्रेममूर्ति बाबा नीम करौलीजी महाराज —Pgs. 140

29. लोकमान्य बालगंगाधर तिलक —Pgs. 143

30. योगी भर्तृहरि —Pgs. 144

31. संत भीखा साहब —Pgs. 145

32. आचार्य मध्व —Pgs. 146

33. महात्मा मधुसूदन सरस्वती —Pgs. 147

34. संत मीराबाई —Pgs. 148

35. संत मौलाराम —Pgs. 151

36. महात्मा माधवराव सदाशिव गोलवलकर —Pgs. 151

37. संत मंगतराम एवं समता पंथ —Pgs. 155

38. संत मांडण —Pgs. 156

39. कच्छी संत मेकरण दास —Pgs. 157

40. संत मलूकदास —Pgs. 158

41. परम भक्त मोरोपंत —Pgs. 159

42. संत महीपति —Pgs. 159

43. महर्षि महेश योगी —Pgs. 160

44. महामना पंडित मदनमोहन मालवीय —Pgs. 162

45. यामुनाचार्य —Pgs. 162

46. आचार्य रामानुज —Pgs. 163

47. महात्मा स्वामी रामानंद —Pgs. 164

48. स्वामी संत रामतीर्थ —Pgs. 165

49. राधास्वामी पंथ —Pgs. 165

50. महात्मा रूप गोस्वामी —Pgs. 166

51. महात्मा रामसखा —Pgs. 166

52. संत रामप्रसाद —Pgs. 167

53. संत रवि साहब —Pgs. 167

54. महात्मा रामचरण —Pgs. 168

55. महात्मा रामलिंगम —Pgs. 168

56. महर्षि रमण —Pgs. 169

57. संत रामकृष्ण परमहंस —Pgs. 170

58. महात्मा रूपकला —Pgs. 170

59. समर्थगुरु रामदास —Pgs. 171

60. महात्मा संत रैदास —Pgs. 176

61. महात्मा रामचंद्र सक्सेना —Pgs. 180

62. योगिनी लल्लेश्वरी —Pgs. 181

63. भक्तिनिधि लीरलबाई —Pgs. 182

65. संत ललित किशोरी  —Pgs. 182

64. संत-महात्मा लक्ष्मीपति परमहंस —Pgs. 183

65. महाप्रभु वल्लभाचार्य  —Pgs. 183

66. स्वामी विद्यारण्य  —Pgs. 188

1. संत वेमना —Pgs. 198

2. रसिक संत विल्वमंगल  —Pgs. 199

3. गोस्वामी विट्ठलनाथ —Pgs. 200

4. महात्मा व्यासदास —Pgs. 200

5. महर्षि विनायक दामोदर सावरकर —Pgs. 201

6. पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य  —Pgs. 202

7. महात्मा वनखंडी —Pgs. 203

8. संत वामाक्षेपा —Pgs. 204

9. महात्मा विजय कृष्ण गोस्वामी —Pgs. 204

10. स्वामी विवेकानंद —Pgs. 205

11. महात्मा संत सेन —Pgs. 206

12. महात्मा सनातन गोस्वामी  —Pgs. 206

13. संत सूरदास —Pgs. 207

14. महात्मा श्रीचंद्र —Pgs. 208

15. संत सधना —Pgs. 209

16. संत सोढ़ीनाथी —Pgs. 210

17. स्वामी सहजानंद ‘स्वामी नारायणजी’ —Pgs. 211

18. संत सिंगाजी —Pgs. 212

19. भगवान् स्वामी नारायण —Pgs. 213

20. महात्मा सुंदरदास —Pgs. 214

21. संत सोहिरोबा नाथ  —Pgs. 215

22. संत सहजोबाई  —Pgs. 215

23. महात्मा सरयूदास —Pgs. 216

24. संत साईं बाबा —Pgs. 217

25. संत सच्‍चल  —Pgs. 217

26. संत सायण —Pgs. 218

27. जगत‍् गुरु शंकराचार्य —Pgs. 218

28. संत शिवनारायण —Pgs. 221

29. संत शशिधर —Pgs. 223

30. संत शंकरदेव —Pgs. 223

31. स्वामी शरणानंदजी —Pgs. 224

32. संत सादाराम साहब —Pgs. 225

33. स्वामी श्रद्धानंद महाराज —Pgs. 227

34. स्वामी शिवानंद —Pgs. 229

35. संत हरिहर बाबा —Pgs. 230

36. रसिक सम्राट् हितहरिवंश —Pgs. 230

37. संत हरिदास —Pgs. 231

38. संत हरिव्यास देव —Pgs. 231

39. श्री गुरु हरिगोविंद सिंहजी —Pgs. 232

40. रसिक संत हरिराय  —Pgs. 233

41. संत हरिहर बाबा —Pgs. 234

42. हुजूर महाराज राय सालिगराम —Pgs. 234

43. संत ज्ञानेश्वर —Pgs. 235

The Author

Justice Shambhu Nath Srivastava

न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकायुक्त पद पर कार्यरत रहे। उनका मूल वास स्थान ग्राम— श्रीनगर, तहसील—बैरिया, जिला— बलिया (उ.प्र.) है। संपूर्ण शिक्षा प्रयाग में हुई। बी.ए., एम.ए. (अर्थशास्त्र), एल-एल.बी. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी कर 1 सितंबर, 1968 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत प्रारंभ की। 1994 में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य चुने गए। 14 फरवरी, 2002 को माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए। 
आपने  अनेक  ऐतिहासिक  एवं दूरगामी  न्याय-निर्णयों  से  भारतीय न्यायपालिका के क्षेत्र में उज्ज्वल कीर्तिमान स्थापित किया है। एक याचिका के निर्णय में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया था। प्रमुख लोकायुक्त, छत्तीसगढ़ के रूप में लगभग 500 से अधिक फैसले हिंदी में ही लिखवाए। उनकी एक पुस्तक ‘क्या हिंदी और प्रादेशिक भाषाएँ न्यायालयों की भाषा हो सकती हैं’ प्रकाशित होकर बहुचर्चित हुई। उनका समग्र व्यक्तित्व एवं कृतित्व राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा है।

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