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Bharatiya Parva Evam Tyohar   

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Author Rajeshwari Shandilya
Features
  • ISBN : 9789353220211
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more
  • Kindle Store

More Information

  • Rajeshwari Shandilya
  • 9789353220211
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 340
  • Hard Cover
  • 500 Grams

Description

भारत अनेकता में एकता का देश है। इसमें दुनिया के प्रायः सभी धर्म एवं संप्रदाय मौजूद हैं, जिन्हें हर तरह की धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है और वे अपने-अपने पर्व-त्योहार अपनी परंपरा के अनुसार मनाने के लिए स्वतंत्र हैं। हमारे पर्व या त्योहार मात्र एक उत्सव नहीं होते, जिन्हें उल्लास और उमंग के साथ मनाकर एक औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, बल्कि अधिकांश पर्वों में एक संस्कृति, एक इतिहास और एक परंपरा निहित है।

कुछ पर्व ऐसे हैं, जो अनेक स्थानों पर कई दिनों तक उत्सव के रूप में मनाए जाते हैं, जैसे- मैसूर का दशहरा, कुल्लू का दशहरा या तिरुपति उत्सव आदि। पर्व एवं त्योहारों की जो अविभाज्य परिकल्पना हिंदुओं में है, वह अन्य पंथों व संप्रदायों में कदाचित् ही मिले। वास्तव में हमारी संस्कृति ही उत्सवप्रिय रही है। यह हमारे समृद्ध सांस्कृतिक जीवन एवं गहन आध्यात्मिक चिंतन का प्रतिबिंब है।

प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न पर्वों एवं त्योहारों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। यह अत्यंत सुगमता से विभिन्न पर्वों एवं त्योहारों से संबंधित महत्त्वपूर्ण संदर्भों व तथ्यों की जानकारी प्रदान करती है।

The Author

Rajeshwari Shandilya

राजेश्वरी शांडिल्य—जन्म : 4 नवंबर, 1932 को तत्कालीन बर्मा की राजधानी रंगून में (पिता वहाँ भारतीय सेना में सूबेदार पद पर तैनात थे) ।

शिक्षा: जिला गाजीपुर (उ.प्र.)। ग्राम सुहवल (गृह-स्थान) से कक्षा आठ तक की शिक्षा। प्रारंभिक शिक्षा रंगून में। स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से। तत्पश्चात् पी-एच.डी. एवं डी.लिट. (मानद) की उपाधियाँ प्राप्त ।

उ.प्र. सरकार से 'लोकभूषण सम्मान'; आकाशवाणी लखनऊ से दर्जनों साहित्यिक वार्ताएँ प्रसारित; तीन दर्जन से अधिक महत्त्वपूर्ण हिंदी एवं भोजपुरी पुस्तकों की प्रणेता, जिनमें बीस हिंदी और सत्रह भोजपुरी भाषा की हैं।

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