डॉ. रेखा नागर—सहायक प्राध्यापक (हिंदी), भेरुलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महू, जिला इंदौर (मध्य प्रदेश)।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से पी-एच. डी. की उपाधि प्राप्त । एम. फिल. के शोध-ग्रंथ का विषय - ' भील एवं भिलाला जनजाति के लोकगीतों का तुलनात्मक अध्ययन' (बड़वानी के संदर्भ में) तथा पी-एच.डी. के शोध-ग्रंथ का विषय -'आंचलिक कहानी - आस्वाद के विविध आयाम ।'
भिलाला जनजाति की लोक-संस्कृति व लोकगीतों का संकलन। इस विषय पर दो शोध-पत्रों का प्रकाशन तथा जनजाति देवलोक, पूजा-पद्धति, सामाजिक व्यवस्था, संत परंपरा आदि विषयों पर शोध-पत्रों का प्रकाशन।
सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में विभिन्न संगठनों में सक्रिय । वर्तमान में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य।