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"भारतीय व्यापार इतिहास में महिंद्रा का नाम कुछ ऐसे नामों में शामिल है, जिन्हें अपार सम्मान और प्रशंसा मिलती है। साधारण शुरुआत से लेकर उद्योग जगत् में दिग्गज बनने तक महिंद्रा परिवार की यात्रा लगन, नवाचार और अटूट दृढ़ संकल्प की कहानी है। एक सदी से भी अधिक समय तक, उनकी विरासत सिर्फ एक उद्यमीय सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह लचीलेपन, दूरदर्शिता और प्रगति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की कहानी है।
महिंद्रा परिवार के वंशज आनंद महिंद्रा की कहानी महिंद्रा ग्रुप की शानदार सफलता से जुड़ी है, जिसने देश के औद्योगिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है। सावधानीपूर्वक शोध करके लिखी यह जीवनी आनंद महिंद्रा की यात्रा को उनके शुरुआती दिनों से लेकर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन बनने तक का प्रामाणिक वर्णन करती है।
यह पुस्तक उनकी नेतृत्व की सोच, नवाचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और एक सतत तथा समावेशी भविष्य के उनके दृष्टिकोण को आकार देने वाले मूल मूल्यों पर गहराई से चर्चा करती है। यह सिर्फ व्यावसायिक उपलब्धियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट दिग्गज के पीछे के व्यक्ति आनंद महिंद्रा का एक विस्तृत चित्रण भी है। इसमें उनके परोपकारी कार्य, संस्कृति और कला के प्रति उनका जुनून तथा समाज को ऊपर उठाने वाले कार्यों के लिए समर्पित एक विचारशील उद्यमी के रूप में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है।"