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"इक्कीसवीं सदी की सबसे परिवर्तनकारी तकनीकों में से एक है- कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence)। यह अब केवल प्रयोगशालाओं या वैज्ञानिक शोधों तक सीमित नहीं रही, बल्कि हमारे दैनिक जीवन, कार्यस्थलों, शिक्षा, चिकित्सा, संचार और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में गहराई से अपनी जगह बना चुकी है।
'AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' : पुस्तक कृत्रिम मेधा जैसी उन्नत तकनीक को सरल, व्यावहारिक और आकर्षक शैली में प्रस्तुत करती है। यह तकनीक केवल हमारी जीवनशैली और कार्य प्रणाली को ही नहीं, बल्कि हमारी सोच और सामाजिक संरचना में आमूल-चूल परिवर्तन लाने का भी सामर्थ्य रखती है। पुस्तक में AI के इतिहास, उसकी कार्यविधि, प्रमुख तकनीकी पहलुओं, वैश्विक परिप्रेक्ष्य और भारतीय संदर्भ में इसके विकास की चर्चा विस्तारपूर्वक की गई है। साथ ही रोजगार, नैतिक प्रश्नों, और सामाजिक प्रभावों के साथ-साथ जनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और AI के विविध उपयोगों को सरल उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक छात्रों, युवा पेशेवरों, नीति-निर्माताओं, शिक्षकों और जिज्ञासु पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी है। इसका उद्देश्य है-AI की उभरती दुनिया से आपको परिचित कराना, और एक ऐसी समझ विकसित कराना है, जो आपको भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर कर सके। आइए, मिलकर AI के इस परिवर्तनशील युग के साथ कदम मिलाकर चलें और एक स्मार्ट, सशक्त भविष्य की नींव रखें।"