₹75
"माता का मातृत्व भाव स्थायी करने तथा इसके द्वारा समाज और राष्ट्र का उत्थान करने के उद्देश्य से 'विश्वमांगल्य सभा' महिला संगठन विश्व में कार्यरत है। 'विश्वमांगल्य सभा' के राष्ट्रव्यापी कार्य का केंद्रबिंदु है 'माँ'। जीजा माताजी, पूज्य रामकृष्ण परहमहंसजी की जीवनसंगिनी सारदा देवी, रानी लक्ष्मीबाई, पन्ना धाय सहित समस्त माताएं हमारी वे आदर्श हैं, जिनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम स्वयं में प्रेरणा, कर्तव्यनिष्ठा तथा दूरदर्शिता के महान तत्त्व समाहित कर सकते हैं। विगत डेढ़ दशक में 'विश्वमांगल्य सभा' ने मातृशक्ति की स्तुति में चार स्तंभों की अवधारणा पर सर्वाधिक ध्यान केंद्रित किया है।
ये हैं संस्कार, सामर्थ्य, सेवा तथा सदाचार। इन चार स्तंभों के माध्यम से हम मातृत्व-सशक्तिकरण की अलख जगाने के पुनीत यज्ञ में अपने प्रयासों की आहुति दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य वृहद है, इसलिए देश ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में हम प्रत्येक माँ को अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। प्रत्येक माँ के अंतर्निहित आत्मविश्वास, मूल्य-बोध एवं सेवा भावना की ज्योति को हम वर्तमान से समन्वय स्थापित कर प्रज्वलित करना चाहते हैं। 'विश्वमांगल्य सभा' का संकल्प है कि प्रत्येक घर में ऐसी माँ विकसित करें, जो अपने परिवार को संस्कार और नैतिकता के प्रकाश से नेतृत्व दे सकें ताकि हर घर महापुरुषों के निर्माण का शक्ति केंद्र बने। एक सशक्त माँ ही उन्नत परिवार से लेकर समृद्ध राष्ट्र और सच्चे अर्थों में संपूर्ण विश्व की सुदृढ़ नींव स्थापित कर सकती है।"