₹450
"उत्तरा राव, जानकी परांजपे, अरविंद शाह, के. सुब्बा राव और सुमित्रा अय्यर पहली बार 1998 में आई.आई.एस.सी., बैंगलोर में एक-दूसरे से मिले। बिल्कुल अलग पृष्ठभूमि से आने के बावजूद ये पाँचों जल्द ही दोस्त बन गए। रिश्तों, कॅरियर और जिंदगी के उतार-चढ़ाव के बीच वे पच्चीस साल बाद कैंपस में वापस आने का संकल्प लेते हैं।
कठिनाइयों, दृढ़ता, सफलताओं और निराशाओं की कहानी पर केंद्रित यह पुस्तक पाँच दोस्तों के जीवन की पड़ताल करती है-जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं और याद करते हैं कि कैसे जिंदगी ने उनके लिए वाकई एक चक्र पूरा कर लिया है।
प्रेरणादायक और यथार्थवादी, 'जिंदगी का सफर' पाँच दोस्तों की एक मार्मिक कहानी है, जो जीवन की बड़ी उम्मीदों से जूझते हैं।"
सुधा मूर्ति का जन्म सन् 1950 में उत्तरी कर्नाटक के शिग्गाँव में हुआ। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में एम.टेक. किया और वर्तमान में इन्फोसिस फाउंडेशन की अध्यक्षा हैं। बहुमुखी प्रतिभा की धनी सुधा मूर्ति ने अंग्रेजी एवं कन्नड़ भाषा में उपन्यास, तकनीकी पुस्तकें, यात्रा-वृत्तांत, लघुकथाओं के अनेक संग्रह, अकाल्पनिक लेख एवं बच्चों हेतु चार पुस्तकें लिखीं। सुधा मूर्ति को साहित्य का ‘आर.के. नारायणन पुरस्कार’ और वर्ष 2006 में ‘पद्मश्री’ तथा कन्नड़ साहित्य में उत्कृष्ट योगदान हेतु वर्ष 2011 में कर्नाटक सरकार द्वारा ‘अट्टीमाबे पुरस्कार’ प्राप्त हुआ। अब तक भारतीय व विश्व की अनेक भाषाओं में लगभग दो सौ पुस्तकें प्रकाशित होकर बहुचर्चित-बहुप्रशंसित।