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Author Bankim Chandra Chattopadhyay
Features
  • ISBN : 9788168021112
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
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More Information

  • Bankim Chandra Chattopadhyay
  • 9788168021112
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 24
  • Soft Cover
  • 50 Grams

Description

"बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी ने सन् 1875 में जगद्धात्री पूजा (कार्तिक शुक्ल नवमी/अक्षय नवमी) के दिन अमर स्तोत्र 'वन्दे मातरम्' की रचना की, जिसे आगे चलकर उन्होंने अपने प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में सम्मिलित किया। कालांतर में यह गीत प्रत्येक देशभक्त भारतीय का कंठस्वर बन गया।

मातृस्तुति 'वन्दे मातरम्' केवल मातृभूमि की वंदना का गीत नहीं, बल्कि उस राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष है, जिसमें भारत के प्रति प्रेम उपभोग से नहीं, उपासना से उत्पन्न होता है; अधिकार से नहीं, कर्तव्य से पुष्ट होता है; तथा स्वार्थ से नहीं, समर्पण से महान बनता है।

यह भारत की आत्मा की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है, जिसके भीतर सहस्राब्दियों की सांस्कृतिक स्मृति, स्वतंत्रता का संकल्प, मातृभूमि के प्रति अनन्य भक्ति तथा राष्ट्रजीवन का नैतिक आधार समाहित है। वस्तुतः, 'वन्दे मातरम्' भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्रथम सशक्त उद्घोषणा है, जिसने भारत को केवल एक राजनीतिक नहीं, बल्कि एक चिरंतन सांस्कृतिक इकाई के रूप में देखने की राष्ट्रीय दृष्टि को स्वर प्रदान किया।"

The Author

Bankim Chandra Chattopadhyay

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