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Uttarakhand Mein Jansankhya Asantulan   

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Author Vikas Saraswat
Features
  • ISBN : 9789375734475
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Vikas Saraswat
  • 9789375734475
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 160
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

"जनसांख्यिकीय असंतुलन एवं अनियंत्रित जनसंख्या विश्व की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। जनसंख्या विस्फोस्ट भारत का भी बड़ा संकट है, जो विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला राष्ट्र है। हिंदू जनसंख्या के कारण ही भारत धर्मनिरपेक्ष है। हिंदुओं के अल्पसंख्यक होने का खतरा पैदा हो रहा है। हिंदुओं के लिए विश्व में भारत के अतिरिक्त अन्य कोई आश्रय नहीं है। हिंदू प्रजनन दर में कमी, छद्‌म रूप से धर्म परिवर्तन, सीमा पार से घुसपैठ जनसांख्यिकीय असंतुलन के प्रमुख कारण हैं।

भारत के हिमालयी क्षेत्र में भी जनसांख्यिकीय असंतुलन के कारण राज्यों के संसाधनों पर इसका प्रभाव पड़ा है, जिससे भूगोल ही नहीं, लोकतांत्रिक ढाँचा भी बदल जाता है, क्योंकि संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में अनेक संरक्षित जनजातियाँ भी रहती हैं और उनके अधिकारों एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आघात तथा निजता का हनन हो रहा है।

राज्य के प्रमुख संसाधनों, निजी व्यवसाय, कृषि, प्राकृतिक संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक स्थिरता एवं आर्थिकी पर भी असंतुलन, पारंपरिक रोजगार से दूरी के साथ ही राज्य के सामरिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, पर्यावरणीय मूल्यों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।

असंतुलित जनसंख्या को लेकर राज्य सरकार, मानवविज्ञानियों एवं जागरूक समाज को समाधान के रास्ते शीघ्र खोजने होंगे। यह पुस्तक इन विषयों पर एक व्यावहारिक दृष्टि विकसित करती है।"

The Author

Vikas Saraswat

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