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यह पुस्तक तेजी से सामने आ रही औद्योगिक क्रांति 4.0 में निहित उभरती न्यू एज टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था और समाज पर इसके प्रभाव तथा वैश्विक व्यवस्था में लोक नीति पर इसके परिणामों के विषय पर लिखी गई है। पुस्तक का पहला भाग न्यू एज टेक्नोलॉजी और उसके घटकों से परिचय कराता है, जिनमें आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, बिग डाटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, ब्लॉकचेन, ऑटोमेटेड टेक्नोलॉजी, एडिटिव मैन्यूफैक्चरिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑगमेंटेड रियलिटी शामिल हैं।
पुस्तक का दूसरा भाग आर्थिक विकास, रोजगार, सामाजिक-आर्थिक असमानताओं और मानव विकास पर न्यू एज टेक्नोलॉजी के संभावित प्रभावों के अलावा उभरते बैंकिंग-फाइनेंस 4.0 पर चर्चा करता है। पुस्तक का तीसरा भाग संबंधित वैश्विक लोक नीति के विषय में है, जिनमें निजता, सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक शासन, साइबर सुरक्षा, सर्विलांस और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा विश्वशांति को टेक्नोलॉजी के शस्त्रीकरण से उत्पन्न खतरे शामिल हैं।
पूरी पुस्तक जहाँ वैश्विक स्थिति पर लिखी गई है, वहीं इस पुस्तक के अंतिम भाग में केस स्टडी के रूप में भारत पर एक पूरा अध्याय है।
अपनी तरह की यह संभवतः पहली पुस्तक है, जो टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था, समाज और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे सभी विषयों को एक साथ प्रस्तुत करती है, जिसका लाभसामान्य व्यक्तियों, व्यवसायियों, उद्योगपतियों, सिविल सोसाइटी के साथ ही दुनिया भर के नीति-निर्माताओं को मिलेगा।