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"चीन काल में घर के बड़े-बूढ़े, समाज के प्रबुद्ध लोग और स्कूल के शिक्षक लोकोक्तियों, प्राचीनता, सूक्तियों तथा सुभाषितों के मामा बच्चों और किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी एवं अच्छी जीवन-शैली के विषय में काफी कुछ बता दिया करते थे। इनसे विषय को समझने में बड़ी आसानी होती और उस बात का असर भी व्यापक होता था। परंतु बदलते समय के साथ नए-नए परिवर्तन के अनुरूप नए सुभाषितों या सूक्तियों का प्रणयन शून्य के समान रहा तथा बातचीत में उनका प्रयोग भी नगण्य हो गया।
प्रस्तुत संकलन 'स्वास्थ्य सुभाषित' में अपने प्राचीन ग्रंथों श्रीमद्भगवद्गीता और रामायण के उन सुभाषितों को लिया गया है, जिनका सुस्वास्थ्य से गहरा संबंध है। प्रत्येक सुभाषित के वैज्ञानिक पक्ष का विशेष ध्यान रखा गया है। केवल वही सूक्तियाँ दी गई हैं, जो विज्ञान की कसौटी पर खरी उतरती हों, साथ ही सुगम और व्यावहारिक हों तथा अपने देश-समाज के अनुकूल हों। प्रत्येक सुभाषित के साथ उसकी सरल व्याख्या और उससे संबंधित एक सटीक उदाहरण भी देने का यथासंभव प्रयास किया गया है।
आशा है, यह सुभाषित-संग्रह सुधी पाठकों को पसंद आएगा और किशोरों के बीच सुस्वास्थ्य-संदेश के प्रचार एवं प्रसार में उपयोगी सिद्ध होगा।"