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"यह पुस्तक मुख्यतः छोटी-छोटी 75 राजनीतिक कहानियों का संग्रह है, जो सूचनाप्रद हैं और प्रेरणादायक भी। छोटी-बड़ी राजनीतिक बैठकों में लोगबाग राजनीतिक घटनाओं की चर्चा छेड़ देते हैं; कोई जरूरी नहीं कि ये चर्चाएँ तथ्यपरक ही हों।
जिन पुराने लोगों से इन्होंने कहानियाँ सुनी होती हैं, यदि उनकी याददाश्त ठीक रही, तब तो वे तथ्यपरक होंगी, अन्यथा ऐसी कहानियों की त्रुटियाँ एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आगे बढ़ती जाती हैं। इन पंक्तियों के लेखक ने यह तय किया कि ऐसी कुछ राजनीतिक कहानियों का एक संग्रह तैयार किया जाए, जिनके तथ्यों के बारे में कोई मतभेद न हो। आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडिस की एक अलग तरह की भूमिका को लेकर बातें दंतकथाओं की तरह चलती रही हैं, पर यह लेखक तो आपातकाल में उनका सहकर्मी था।"