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"श्री रामकृष्ण परमहंस (1836-1886) एक भारतीय संत, आध्यात्मिक गुरु और महान् विचारक थे। उनका जन्म बंगाल के कामारपुकुर गाँव में हुआ था और वे बाद में दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पुजारी के रूप में जाने गए। रामकृष्ण ने सभी धर्मों में एकता और ईश्वर के दर्शन के महत्त्व पर जोर दिया। रामकृष्ण ने कई शिष्यों का आध्यात्मिक मार्गदर्शन किया, जिनमें स्वामी विवेकानंद सबसे प्रसिद्ध हैं। उनकी शिक्षाओं और विचारों को आगे बढ़ाने के लिए स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
आजकल देश की सभ्यता, संस्कृति, धर्म या इतिहास के बारे में सही जानकारी देने वाला साहित्य बहुत कम पाया जाता है। बच्चों, किशोरों व युवकों के पढ़ने लायक साहित्य भी कम लिखा जा रहा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए और बच्चों, किशोरों एवं युवाओं में अच्छे विचार, अच्छी भावनाएँ जगाने के लिए श्रीरामकृष्ण परमहंस के जीवन से संबंधित कुछ ऐसी कहानियों का संग्रह किया है, जो सभी आयु के पाठकों के लिए प्रेरणादायी हैं। श्रीरामकृष्ण परमहंस के जीवन से संबंधित ये प्रेरक कहानियाँ निश्चित रूप से बच्चों, किशोरों के लिए ही नहीं, वरन् बड़ों के लिए भी बड़ी लाभदायक सिद्ध होंगी। इन प्रेरक कहानियों के द्वारा श्रीरामकृष्ण परमहंस के जीवन के अनछुए पहलुओं से भी परिचित हुआ जा सकता है। साथ ही जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा भी ली जा सकती है।
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पत्रकार, साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं। दुर्व्यसन, अस्पृश्यता, पशु-पक्षी हत्या, परावलंबन और प्रकृति के साथ छेड़छाड़; ये कुछ ऐसी बुराइयाँ हैं, जिनके कारण संपूर्ण समाज को आर्थिक, सामाजिक व प्राकृतिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। समाज में व्याप्त इन व्याधियों को जड़ से मिटाने के लिए दर्जनों पुस्तकों का लेखन तो किया ही, साथ ही आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्माता डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के सामाजिक कार्यों से प्रेरित होकर युवा विकास परिषद् नामक संस्था की स्थापना करके, इसके माध्यम से उन्होंने दुर्व्यसन, पशु-पक्षी संरक्षण व अस्पृश्यता से मुक्ति जैसे कई कार्यक्रम भी चलाए हैं। इन्होंने कई फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और वृत्तचित्रों की पटकथा का लेखन भी किया है।
‘रेड ऐंड व्हाइट गोल्ड अवॉर्ड’, ‘दीनदयाल उपाध्याय सम्मान’, ‘साहित्यश्री सम्मान’, ‘रानी झाँसी सम्मान’, ‘देवगुरु बृहस्पति सम्मान’ सहित इन्हें अनेक सामाजिक एवं साहित्यिक पुरस्कारों से विभूषित किया जा चुका है।