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Ravindra Kavyanjali   

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Author Ravindra Jain
Features
  • ISBN : 9789355625984
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Ravindra Jain
  • 9789355625984
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 208
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

"कलाकार यद्यपि ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा लेकर जन्म लेता है, तथापि उस प्रतिभा को सर्वव्यापी और जन-जन के मन तक पहुँचाना एक बड़ी चुनौती होती है। सुप्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार व गायक रवीन्द्र जैनजी के सामने तो यह चुनौती दोहरी थी, तथापि उन्होंने हर चुनौती को स्वीकारते और मात देते हुए स्वयं को स्थापित-प्रमाणित किया। रवीन्द्र जैनजी रचनात्मकता के एक ऐसे गागरस्वरूप रहे हैं, जिनमें कलारूपी अथाह सागर के लगभग सभी रत्न समाहित थे। गीत हो, गजल हो, भजन हो, कविता हो या तात्कालिक रचना हो, कोई भी विषय हो, कैसी भी परिस्थितियाँ हों, वे उसे काव्यरूप देने, संगीत से सजाने और स्वर देने में सहज समर्थ रहे।

रवीन्द्र जैनजी ने फिल्मों में गीत-संगीत का जो सम्मानजनक स्तर बनाए रखा, वह सराहनीय है। उनकी हर रचना में जीवन से जुड़ी बातें झलकती हैं, उनके शब्द, भाव, विचार मन में गहरे उतर जाते हैं; उनकी रचनाधर्मिता और सृजनशीलता सकारात्मकता से अनुप्राणित है, जो निराशा के गह्वर में डूबे व्यक्ति को भी उदात्तता के सागर में अवगाहन करवा देती है।

ऐसी अनेकानेक रचनाएँ हैं, जो उनका मन तो जीत ही लेती हैं, जिनके लिए लिखी गई हैं; लेकिन ये उनके मन को भी प्रभावित किए बिना नहीं रहतीं, जो इन्हें पढ़ता है अथवा सुनता है।

गीत-संगीत-कला जगत् के अपने समय के अप्रतिम हस्ताक्षर श्री रवीन्द्र जैन की सुंदर, मोहक, कर्णप्रिय गीत-कविताओं का पठनीय संकलन ।"

The Author

Ravindra Jain

बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री रवींद्र जैन विश्वप्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार तथा गायक हैं। प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से ‘संगीत प्रभाकर’ की डिग्री लेने के बाद उन्होंने अपने कृतित्व से भारतीय साहित्य और संगीत को बहुत समृद्ध किया। आपकी अधिकांश फिल्मों ने रजत जयंती तथा स्वर्ण जयंती मनाई है, जिनमें कुछ प्रमुख हैं—‘सौदागर’, ‘चोर मचाए शोर’, ‘गीत गाता चल’, ‘फकीरा’, ‘अँखियों के झरोंखों से’, ‘दुल्हन वही जो पिया मन भाए’, ‘चितचोर’, ‘नदिया के पार’, ‘ब्रजभूमि’, ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘हिना’, ‘विवाह’ आदि। रामायण, श्री कृष्ण, जय हनुमान, साईं बाबा जैसे अनेक ऐतिहासिक धारावाहिकों में भी आपका ही गीत-संगीत है।

साहित्य और संगीत की सेवा करते हुए आपने अनेक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त किए हैं, जिनमें उर्दू शायरी की पुस्तक ‘उजालों का सिलसिला’ के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा साहित्य अकादमी पुरस्कार, ‘रसेश्वर, सुर शृंगार’, यूथ नेशनल अवार्ड, फिल्म फेयर अवार्ड (राम तेरी गंगा मैली), दादा साहेब फाल्के अवार्ड, लता मंगेशकर अवार्ड, अमीर खुसरो अवार्ड, स्वामी हरिदास, प्रियदर्शिनी, संगीत ज्ञानेश्वर, संगीत सम्राट् आदि।

आपकी जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘सुनहरे पल’ तथा आपकी गजलों का संग्रह ‘दिल की नजर से’ प्रकाशित। आपने कुरान शरीफ  का अरबी भाषा से सहल उर्दू जबान में तर्जुमा किया है। साथ ही श्रीमद्भगवत गीता का सरल हिंदी पद्यानुवाद भी कर चुके हैं। श्रीमद््भागवतम, सामवेद तथा उपनिषदों का हिंदी अनुवाद चल रहा है। इसके अतिरिक्त जैन धर्म के बालबोध का पद्यानुवाद कर चुके हैं तथा कई अन्य ग्रंथों पर आपका लेखन कार्य चल रहा है। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (मुरादाबाद) ने आपको भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के हाथों डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की है।

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