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Rashtra Pratham Ki Meri Kalpana | My Idea of Nation First: Redefining Unalloyed Nationalism   

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Author Uday Mahurkar
Features
  • ISBN : 9789375739906
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Uday Mahurkar
  • 9789375739906
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 160
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

"स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी ट्रेजेडी लेफ्ट-लिबरल और पैन-इस्लामिस्ट के दबाव में देश पर मुसलिम तुष्टीकरण की पॉलिसी थोपना था। यह हिंदुओं के लिए सबसे बड़ा झटका था-यानी मेजॉरिटी कम्युनिटी, जो 800 वर्ष बाद विदेशी गुलामी से आजाद हो रही थी। इसने देश में बाँटने वाली पॉलिटिक्स की नींव भी रखी। यहाँ तक कि डॉ. बी. आर. आंबेडकर भी ऐसे तुष्टीकरण के विरुद्ध थे, जिसका मतलब था हिंदुओं को अयोध्या, काशी-विश्वनाथ और मथुरा मंदिरों पर पूरा कब्जा न देना।

'राष्ट्र प्रथम की मेरी कल्पना' इन मुद्दों पर गहरी समझ देती है। साथ ही कई विवादित घटनाओं पर एक राष्ट्रवादी दृष्टिकोण भी विकसित करता है। अलग-अलग खतरों के बारे में चेतावनी देते हुए यह पुस्तक वीर सावरकर के विचारों के हिसाब से सच में मॉडरेट माइनॉरिटीज के लिए काफी जगह रखती है, जिन्हें इतिहास में उनके आइडियोलॉजिकल विरोधियों ने अकसर तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

'राष्ट्र प्रथम की मेरी कल्पना' पक्के राष्ट्रवाद, या सच्चे राष्ट्र-प्रथम के बारे में है। यह इतिहास में भ्रम भ्रांतियों को सच में राष्ट्रवादी और बिना किसी भेदभाव के नजरिए से दूर करने की एक छोटी सी कोशिश है। एक तरह से इस पुस्तक को राष्ट्रीय जागृति पर नए लेखों का संग्रह भी कहा जा सकता है, जिसके सभी अध्यायों की नींव पूरी सच्चाई पर टिकी है।"

The Author

Uday Mahurkar

उदय माहुरकर ‘इंडिया टुडे’ के उप-संपादक और एक राजनीतिक विश्लेषक हैं, जिन्हें नरेंद्र मोदी के संबंध में सटीक चुनाव अनुमान के लिए जाना जाता है। यह एक ऐसा कार्य है, जिसे वे सन् 2002 के गुजरात विधानसभा चुनावों से ही पूरे आत्मविश्वास के साथ, और अकसर धारा के विपरीत चलते हुए, निभाते आ रहे हैं। माहुरकर को प्रधानमंत्री मोदी के मामले में एक्सपर्ट माना जाता है, जिन्होंने बीते तीन दशकों से भी अधिक समय से उनके राजनीतिक तथा प्रशासनिक कॅरियर को करीब से देखा है—उस दिन से, जब 1986-87 में मोदी बीजेपी में इसके मूल संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आए थे। दिसंबर 2015 में दिल्ली आने के बाद ‘इंडिया टुडे’ के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी और उसके साथ ही संघ तथा प्रधानमंत्री कार्यालय की खबरें देते हुए माहुरकर की दक्षता बढ़ गई है। देश की राजधानी में उनके कार्यकाल ने उन्हें मोदी सरकार के विभिन्न पहलुओं पर दुर्लभ अंतर्दृष्टि दी है।

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