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"अमित शाह अगर देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गृहमंत्री नहीं बनते तो भी इस पुस्तक को लिखना तो बनता ही था। अपने तीन दशक लंबे पत्रकारिता कॅरियर में इस प्रकार के राजनीतिक व्यक्तित्व को कार्य करते देखना अपने आप में ही अद्भुत अनुभव है।
संसद् में जब भी कोई सत्र होता है तो प्रतीक्षा रहती है कि अमित शाह का संबोधन कब होगा। गृहमंत्री के रूप में उन्होंने ऐसे जटिल मुद्दों को उठाया है, जिनके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि हमारे जीते जी कभी ऐसा संभव हो सकेगा, जैसे-अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे पुलिस कानून। हमने स्वीकार कर लिया था कि ऐसे ही चलता रहेगा।
ब्रिटिश राज के काले कानूनों को बदला जाना कुछ उसी प्रकार का परिवर्तन है, जैसे प्रधानामंत्री का पुरानी संसद् से नई संसद् में शिफ्ट होने का निर्णय। यह केवल कालजयी बदलाव नहीं बल्कि मानसिकता में परिवर्तन का संकेत भी था। अब हम अपना भारत बनाना चाहते हैं-और वह भी हर स्तर पर।"
"पुस्तक के लेखक हर्ष कुमार तीन दशक से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। अमर उजाला, दैनिक जागरण, जनवाणी, पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स जैसे संस्थानों में लंबे समय तक कार्य किया। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने यूट्यूब चैनल ‘हर्ष का बात लाइव’ की शुरुआत की जिसने पहले माह में ही एक लाख सब्सक्राइबर्स संख्या प्राप्त करने का श्रेय हासिल किया। उस समय यह पहला ऐसा चैनल बना जिसमें अधिकांश वीडियो लाइव स्ट्रीम किए जाते थे और दर्शकों से सीधा संवाद किया जाता था।
अब इस चैनल की सब्सक्राइबर्स संख्या एक मिलियन को पार कर चुकी है। हर्ष कुमार वर्तमान में तीन यूट्यूब चैनलों (harsh ki baat LIVE,Harsh Kumar, GLOBAL HARSH) का संचालन कर रहे हैं। जिनकी सब्सक्राइबर्स संख्या डेढ़ मिलियन से अधिक है। सोशल मीडिया पर सक्रिय राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शीर्ष नामों में इनकी गिनती है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सुपर स्टार अमिताभ बच्चन समेत कई नामचीन हस्तियां, राजनेता व पत्रकार इन्हें फॉलो करते हैं और इनके विचारों की सराहना करते हैं। यह इनकी दूसरी पुस्तक है। उनकी पहली पुस्तक ‘हिंदुत्व की हैट्रिक’ में लोकसभा चुनाव-2024 के नतीजों का विश्लेषण किया गया था और अमेजन व फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफार्मों पर कई सप्ताह तक राजनीतिक किताबों की श्रेणी में यह बेस्ट सेलर बनी रही थी। आज भी टॉप 20 किताबों में इसका स्थान बरकरार है।
संपर्क मेल- harsh-kumar@outlook.com