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Paramhans Ek Khoj (PB)   

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Author Sankar
Features
  • ISBN : 9789351867432
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more
  • Kindle Store

More Information

  • Sankar
  • 9789351867432
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2016
  • 208
  • Soft Cover
  • 350 Grams

Description

युगावतार श्री श्री रामकृष्ण की लीलाकथा को केंद्रित करते हुए उन्नीसवीं सदी के अंतिम पर्व से लेकर अनेक जीवनी, कथामृत, पुस्तक, काव्य, नाटक, यात्रा, चलचित्र इत्यादि की रचना की गई है। 
इतिहास की मर्यादा को पूरी तरह अक्षुण्ण रखकर, मृत्युंजयी साहित्य सृजनकर्ताओं के मार्गदर्शन, कल्पना और सत्य घटनाओं पर आधारित इस उपन्यास की रचना की है इस युग के प्रिय लेखक शंकर ने, जिनकी पूर्व प्रकाशित कृतियों को पाठकों की भरपूर सराहना मिली।
इस रहस्य उपन्यास में कई काल्पनिक चरित्रों का समावेश किया गया है, कई चरित्र इतिहास से जुड़े हैं, विशेषकर वे भाग्यशाली पुरुष जो 16 अगस्त, 1886 में श्रीरामकृष्ण के समाधि पर्व में काशीपुर उद्यान वाटी में उपस्थित थे। इनमें कई लोगों की दुर्लभ तसवीरों ने इस गं्रथ का महत्त्व और भी बढ़ा दिया है। 
रामकृष्ण-विवेकानंद की भावधारा के रूप में शंकर की पहली पहचान बनी सन् 1942 में, जिसके 40 साल पहले बेलूर में विद्रोही, विप्लवी, जन-गण-मन विवेकानंद महासमाधि में लीन हुए थे।

 

The Author

Sankar

शंकर 
शंकर (मणि शंकर मुखर्जी) बांग्ला के सबसे ज्यादा पढ़े जानेवाले उपन्यासकारों में से हैं। ‘चौरंगी’ उनकी अब तक की सबसे सफल पुस्तक है, जिसका हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अनुवाद हो चुका है; साथ ही सन् 1968 में इस पर बांग्ला में फिल्म भी बन चुकी है। ‘सीमाबद्ध’ और ‘जन अरण्य’ उनके ऐसे उपन्यास हैं, जिन पर सत्यजित रे ने फिल्में बनाईं। संप्रति कोलकाता में निवास।

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