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Pakistan Ya Bharat Ka Vibhajan | Hindi Translation of Pakistan Or The Partition of India   

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Author DR. B.R. AMBEDKAR
Features
  • ISBN : 9789355628640
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • DR. B.R. AMBEDKAR
  • 9789355628640
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 416
  • Soft Cover
  • 4550 Grams

Description

"श्री रहमत अली ने सन् 1933 में पाकिस्तानी आंदोलन की नींव डाली। उन्होंने भारत को दो भागों, अर्थात् पाकिस्तान और हिंदुस्तान, में विभाजित किया। उनके पाकिस्तान में पंजाब, उत्तर-पश्चिमी सीमा प्रांत, कश्मीर, सिंध और बलूचिस्तान शामिल थे। उनकी राय में शेष भाग हिंदुस्तान था। उनका विचार था कि उत्तर में पाँच मुसलिम प्रांतों को मिलाकर एक 'स्वतंत्र और पृथक् पाकिस्तान के रूप में स्वतंत्र राज्य हो।

क्या पाकिस्तान इसलिए बनना चाहिए, क्योंकि हिंदू और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक तनातनी है ? इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि इनके बीच तनातनी है। प्रश्न केवल यह है कि क्या यह तनातनी इतनी प्रबल है कि वे एक देश में एक संविधान के अंतर्गत नहीं रह सकते ? निश्चित रूप से एक साथ रहने की यह इच्छा वर्ष 1937 तक उनमें नहीं थी। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट-1935 के निर्माण के समय हिंदुओं व मुसलमानों ने एक देश में एक संविधान के अंतर्गत रहना पसंद किया था और उक्त एक्ट के पारित होने के पूर्व उस पर हुई चर्चा में भाग लिया था।

भारतरत्न बाबासाहब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के भारत विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण पर बेबाक राय और सुस्पष्ट चिंतन की प्रतिध्वनि है यह पुस्तक। अपने धारदार तर्कों और दृढ़ विचारों से उन्होंने उन तत्कालीन परिस्थितियों पर एक समग्र दृष्टि प्रस्तुत की है।"

The Author

DR. B.R. AMBEDKAR

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