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Khaki Vardi ka Yoddha | Did I Really Do All This? : Memoirs of A Gentleman Cop Who Dared To Be Different   

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Features
  • ISBN : 9789375731443
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • 9789375731443
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 232
  • Soft Cover
  • 250 Grams

Description

"जब उन्होंने श्री पटेल को यह कहते सुना, 'ये पदक अर्जित किए जाते हैं, खरीदे नहीं जाते,' तो विजय मन-ही-मन अपना पदक अर्जित करने के दृढ़ संकल्प से भर गए। समय के साथ विजय रमन ने न केवल वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक अर्जित किया, बल्कि पूरे भारत में अपनी प्रत्येक तैनाती में इतिहास भी रचा।

वह एक सरल और सीधे-सादे जांबाज पुलिस अधिकारी थे, जो असाधारण रूप से साहसी थे। 2023 में उनकी असामयिक मृत्यु से पहले कई ऐसी स्थितियाँ आईं, जिनमें वे मृत्यु के करीब थे, जिनका वर्णन इस पुस्तक में किया गया है- जिनसे वे चमत्कारिक रूप से बच गए।

यह एक वास्तविक जीवन के नायक का, पान सिंह तोमर और उसके डकैत गिरोह का 14 घंटे शाम से सुबह तक चली मुठभेड़ में सफाया होने का प्रत्यक्ष वृत्तांत है; डाकू मलखान सिंह और फूलन देवी का आत्मसमर्पण; कुख्यात आतंकवादी गाज़ी बाबा का अंत करने का ऑपरेशन का नेतृत्व किया; बदनाम व्यापम घोटाले की जाँच करना; भोपाल गैस त्रासदी के भयावह मंजर का सामना करना; विशेष सुरक्षा समूह के चुने हुए अधिकारियों में से एक के रूप में चार भारतीय प्रधानमंत्रियों के जीवन की रक्षा करना; और कार से विश्व की परिक्रमा करने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड तोड़ना।

विजय रमन के वृत्तांत रोमांच और उल्लेखनीय घटनाओं की एक किताब बनाते हैं- पाठकों को एक किंवदंती के निर्माण की बहुमूल्य जानकारी देते हैं। एक सत्यनिष्ठ, कर्तव्यपरायण, साहसी एवं दृढ़संकल्पित IPS अधिकारी की प्रेरक जीवनगाथा।"

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