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"बचपन जीवन की नींव है। जैसे एक घर की मजबूत नींव पूरे घर को स्थिर बनाती है, वैसे ही बचपन का मानसिक स्वास्थ्य पूरे जीवन की दिशा तय करता है। यदि इस समय पर बच्चा सुरक्षित, खुश और आत्मविश्वासी महसूस करता है तो वह भविष्य में भी चुनौतियों का सामना आसानी से कर पाता है। बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य समझना अत्यंत आवश्यक है और इसके कई महत्त्वपूर्ण कारण हैं। इसे समझना सिर्फ समस्याओं को दूर करने के बारे में नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सफल भविष्य की नींव रखने के बारे में है।
एक सामान्य बच्चे का पालन-पोषण करते समय ध्यान रखना होता है कि उसे भावनात्मक ठेस न लगे, उसमें आत्मविश्वास की कमी न हो; बालक को तनाव से निपटना, रिश्ते बनाना, चुनौतियों का सामना करना सिखाना जरूरी होता है।
प्रस्तुत पुस्तक बच्चों के पालन-पोषण, मानसिक रूप से उन्हें सबल बनाने, स्कूल और समाज की साझा जिम्मेदारी को निभाने में अच्छा मार्गदर्शन करेगी। एक अत्यंत उपयोगी और पठनीय पुस्तक ।"