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Bharatiya Gyan Parampara : Yog   

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Author Prof. Lalchand Ram
Features
  • ISBN : 9789375734048
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Prof. Lalchand Ram
  • 9789375734048
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 216
  • Soft Cover
  • 250 Grams

Description

"तर्क, विवेक और आत्मबोध पर केंद्रित योग मार्ग का नाम ज्ञान योग है। इसे भारतीय ज्ञान-परंपरा में आत्म-साक्षात्कार का सबसे ऊँचा साधन माना गया है। इसमें साधक यह महसूस करता है कि ईश्वरीय स्वरूप की ही भाँति उसका भी अस्तित्व 'नेति-नेति है' है, अर्थात् वह न शरीर है, न मन है। वह आत्मा है, इसके अतिरिक्त वह कुछ भी नहीं है। इस मार्ग पर चलने वाला साधक आत्मचिंतन, तर्कशास्त्र के अध्ययन और विश्लेषण द्वारा सत्य तक पहुँचने का प्रयास करता है।

ईश्वर के प्रति श्रद्धा, समर्पण और प्रेम का भाव जिस योग में निहित है, उसे भक्ति योग कहा जाता है। इसे श्रीकृष्ण ने सभी योग में से सहज और सरल बताते हुए कहा है- ""भक्त्या मामभिजानाति यावान्यश्चास्मि तत्त्वतः ।"" इस मार्ग का साधक ईश्वर से कोई-न-कोई संबंध जोड़ लेता है। उदाहरण के लिए मीरा की भक्ति को लिया जा सकता है। वे श्रीकृष्ण को अपना पति मानकर भगवत् भजन करती हैं। उनकी भक्ति को माधुर्य भक्ति की संज्ञा दी गई है।"

The Author

Prof. Lalchand Ram

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