Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Bhagvadgita Ke Rahasya   

₹250

In stock
  We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00
Delivery Usually delivered in 5-6 days.
Author Shri Vishwanath
Features
  • ISBN : 9788177213621
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : First
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Shri Vishwanath
  • 9788177213621
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • First
  • 2018
  • 136
  • Hard Cover

Description

कृष्ण सही जगह पर सीधी चोट करते हैं और अर्जुन के हृदय में चल रहे द्वंद्व के पार देख लेते हैं, भावनात्मकता और कर्तव्यपरायणता के बीच चल रहे द्वंद्व को, ‘‘हे अर्जुन, तुम उनके लिए शोक कर रहे हो, जो शोक करने योग्य ही नहीं हैं और साथ ही बड़े विद्वानों जैसी बातें कर रहे हो। यह तुम्हारे लिए उचित और उपयुक्त नहीं है। जो ज्ञानवान् है, वह न तो मृत के लिए शोक करता है और न जीवित के लिए।’’
‘अनुचितता’ व ‘अनुपयुक्तता’ वे सारतत्त्व हैं, जिन पर भगवद्गीता में दी गई कृष्ण की सारी शिक्षा आधारित है। कृष्ण फिर और भी बहुत सारे सत्य अर्जुन के सामने उजागर करते हैं, जो उसके असत्य तथा मिथ्या विश्वासों के उस अंधकार को मिटा देते हैं, जिनके चलते वह अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचान पा रहा था। इस प्रकार अपने मोह व भ्रम के दूर हो जाने और अपनी स्मरण शक्ति को वापस पा लेने से अर्जुन इस इतिहास-प्रसिद्ध युद्ध में विजय प्राप्त कर सका।
यह पुस्तक कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए संपूर्ण उपदेश पर कोई भाष्य नहीं है। इसका केंद्रबिंदु तो भगवद्गीता के सार को, कृष्ण के गूढ़ योग को और परलोकों के अज्ञात विधानों को प्रकट करना है। 
श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को सरल-सुबोध भाषा में प्रस्तुत करती पठनीय पुस्तक।

__________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________

अनुक्रम

प्रस्तावना — 7

भूमिका — 11

1. ईश्वर कोई विश्वास नहीं है — 17

2. क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ — 21

3. कृष्ण का योग रहस्य — 36

4. मोह और आसक्ति के जाल — 78

5. एक रहस्यमय शब्द — 95

6. मानव काम-लोलुप हो जाएँ — 104

7. ईश्वर ने इस ब्रह्मांड की रचना कैसे की — 108

8. समस्त धर्मों का सत्य — 132

उपसंहार — 136

The Author

Shri Vishwanath

श्री विश्वनाथ के नाम से लोकप्रिय अनंतरमन विश्वनाथ ग्यारह प्रसिद्ध और सर्वाधिक बिकने वाली परिवर्तनकारी पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें ‘नो-नॉनसेंस मेडिटेशन’, ‘सेवन स्प्रिचुअल स्ट्रैटेजीस’, ‘द सीक्रेट ऑफ भगवद्गीता’, ‘गिव अप योर एक्सेस बैगेज एंड जीरो एफर्ट’ प्रमुख हैं। वह ‘सोल पावर मैजिक’ के संस्थापक हैं, जो अनूठी और प्रेरणादायी सामग्रियों का वितरण करता है। संस्था का उद्देश्य इस संसार को पूरी तरह से शांतिपूर्ण तथा तनाव-मुक्त बनाना है। उनकी नवीनतम पुस्तक ‘सेवन स्प्रिचुअल स्ट्रैटेजीस— हाऊ द एनलाइटेनमेंट कोड कैन चेंज योर लाइफ’ को आध्यात्मिक क्षेत्र का गेम चेंजर माना जाता है। उन्हें व्याख्यानों के लिए, थोक/उपहार की बिक्री के लिए 
बुक करने या बस हैलो करने के लिए free109@gmail.com पर इ-मेल कर सकते हैं।

 

Customers who bought this also bought

WRITE YOUR OWN REVIEW