विनीत अग्रवाल अपनी आलोचनात्मक लेखन शैली के लिए प्रसिद्ध हैं। वे आई.आई.टी. (IIT) दिल्ली से इंजीनियर हैं और प्रबंधन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। कॉर्पोरेट क्षेत्र में कुछ समय काम करने के बाद वे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बने। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे महाराष्ट्र के आतंकवाद विरोधी पथक (ATS) के प्रमुख रहे तथा महाराष्ट्र शासन में प्रधान सचिव, गृह के पद पर कार्यरत रहे। उन्हें विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।
उनका पहला उपन्यास 'रोमांस ऑफ ए नक्सलाइट' गढ़चिरौली में पुलिस अधीक्षक के रूप में उनके नक्सल विरोधी अभियानों के अनुभवों पर आधारित है। उनकी दूसरी पुस्तक 'कलयुग की पूर्व-संध्या' एक काव्य-नाटक है, जिसे गहन शोध पर आधारित माना जाता है। इस पुस्तक में महाभारत को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। इस पुस्तक को पोएसिस सोसाइटी द्वारा पुरस्कृत किया गया है और इसे एक लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक में रूपांतरित भी किया गया है।
यह उनकी तीसरी पुस्तक है।