डॉ. चित्रा अवस्थी उन चुनिंदा भारत विद्याशास्त्रियों में से एक हैं, जिन्होंने भारतीय समाज के शास्त्रीय और लौकिक आधारों का अध्ययन सम्यक् रूप से किया है। उन्होंने अपनी पुस्तकों, लेखों और भाषणों के माध्यम से समाजशास्त्र, दर्शन और शिक्षा के तमाम पक्षों को उजागर किया है। आधुनिक भाषाओं के साथ संस्कृत के गहन ज्ञान के कारण उनमें प्राचीन भारतीय दर्शन को समझने की विशेष योग्यता है।
इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर लगातार अनेकानेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों/ सेमिनारों की सहभागिता एवं अध्यक्षता की है। कानपुर विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक प्राप्त कर उन्होंने स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की, तब से लगातार लेखन और शिक्षण-प्रशिक्षण के कार्य में संलग्न हैं। इसके अलावा डॉ. अवस्थी अपने सामाजिक कार्यों, खासतौर से स्किल एजुकेशन से जुड़े विषय और शरणार्थियों की पुनर्स्थापना के लिए जानी जाती हैं। वर्तमान समय में वे 'ऋत् फाउंडेशन' की अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं।