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Veerbhadravatar Chhtrasal Bundela (Mahakavya) | The Unparalleled Glorious Story of The Brave Warrior of Bundelkhand, Agnidharma   

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Author Acharya Devendra Dev
Features
  • ISBN : 9789375940562
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Acharya Devendra Dev
  • 9789375940562
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 256
  • Soft Cover
  • 300 Grams

Description

"विधि द्वारा विरचित सृष्टि-मध्य
सरिताएँ भी हैं सागर भी।
कश्मीर-सदृश हिंद के शीश
पर रखी अमृत की गागर भी ।

ममतामयी माँ के आँचल सी
हरियाली इसमें विद्यमान।
महनीय चिंतनी चैत्यों का
है तना हुआ नभ में वितान ।

उर में अल्हड़ता अक्खड़ता,
बैठे, उन्नत गिरिवर, समेट।
बहुरंग वनस्पतियाँ बैठीं
सुषमाओं की साड़ी लपेट ।

बहुरूप स्वाद वाले फल
देने को आतुर हैं सघन वृक्ष।
कलियाँ, प्रसून खोले बैठे
गंध के कोष अलियों समक्ष ।"

The Author

Acharya Devendra Dev

आचार्य देवेन्द्र देव
शिक्षा : एम.ए. (संस्कृत), विद्या वाचस्पति।
कृतित्व : विश्व में सर्वाधिक पंद्रह महाकाव्यों, यथा ‘बांग्लात्राण’, ‘राष्ट्र-पुत्र यशवंत’, ‘कैप्टन बाना सिंह’ (सैन्य-वीरों पर), ‘गायत्रेय’ (पं. श्रीराम शर्मा आचार्य), ‘युवमन्यु’  (स्वामी  विवेकानंद), ‘ब्रह्मात्मज’ (नैमिषपीठाधीश्वर स्वामी नारदानंद), ‘हठयोगी नचिकेता’, ‘बलि-पथ’ (डॉ. हेडगेवार), ‘इदं राष्ट्राय’ (गुरु गोलवलकर),  ‘अग्नि-ऋचा’  (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम), ‘लोकनायक’, ‘लौहपुरुष’, ‘शंख महाकाल का’ (पं. श्रीकृष्ण ‘सरल’) और ‘बिरसा मुंडा’ एवं ‘पं.  रामप्रसाद  बिस्मिल’  (क्रांतिक विभूति) के अतिरिक्त गीतों, गजलों, छंदों, समसामयिक एवं बाल-कविताओं के ढाई दर्जन से अधिक संग्रह, लेख, कहानियाँ, संस्मरण, काव्यानुवाद एवं संस्कृत कविताएँ प्रकाशित/प्रकाशनाधीन।
देश-विदेश के प्रतिष्ठित चतुविंशाधिक सम्मानों से अलंकृत।

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