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"इस पुस्तक में संकलित 'भगवान् राम की कुंडली' लेख में वाल्मीकि रामायण में उपलब्ध प्राथमिक स्रोतों के आधार पर भगवान् राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की कुंडलियों का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। उसमें जो त्रुटियाँ हैं, उन पर भी प्रकाश डाला गया है। 'भगवान् राम का काल निर्धारण' लेख में श्रीराम के कालखंड को अभी से सात हजार वर्ष पूर्व का साबित करने के षड्यंत्रों को धराशायी किया गया है।
'रामलला की दैवीय प्राण-प्रतिष्ठा' लेख में इन समस्त निराधार आरोपों का विस्तार से खंडन किया है। जो जगदीश्वर इस चराचर जगत् के नियंता हैं, क्या ऐसा हो सकता है कि उनके प्राण-प्रतिष्ठा का मुहूर्त बिना उनकी इच्छा के तय हो जाए ?
'रामायण : मुहूर्त, शकुन व स्वप्न' लेख में वाल्मीकि रामायण के लगभग समस्त मुहूर्त, शकुन व स्वप्न विचार का समावेश किया गया है। इसमें श्रीराम के राज्याभिषेक का मुहूर्त, रावण द्वारा सीता हरण का मुहूर्त, श्रीराम का लंका प्रस्थान का मुहूर्त, श्रीराम के विवाह का मुहूर्त, खर का अपशकुन, पंचवटी में श्रीराम का शकुन, मारीच वध के पश्चात् अपशकुन, अरण्यकांड में श्रीराम का शकुन, काग के माध्यम से शकुन, लंकापुरी में सीता का शकुन, निशाचरी लंका का शकुन, विभीषण का अपशकुन, लंकापुरी में श्रीराम का शकुन, राम-रावण के अंतिम युद्ध में शकुन, भरत का स्वप्न, त्रिजटा का स्वप्न आदि विषयों को एक साथ समाहित किया गया है।"