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Suprabhat Zindagi   

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Author Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
Features
  • ISBN : 9789395386630
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
  • 9789395386630
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2023
  • 144
  • Hard Cover
  • 200 Grams

Description

"सादगी के सौंदर्य से दीप्त इन कविताओं में गहरी संवेदना और मूल्यचेतना व्याप्त है। निशंकजी जीवन के संक्रांत सत्य को गहराई से समझते हैं। जीवन में सुख भी है, दु:ख भी है, हार भी है, जीत भी है, यानी सकारात्मकता है तो नकारात्मकता भी है। निशंकजी संक्रांत सत्य को निरंतर चित्रित करते हुए जीवन के प्रकाश पक्ष को रेखांकित कर देते हैं। उनकी कविताएँ कहती हैं कि जीवन एक सरल रेखा नहीं है। उसमें अनेक उतार-चढ़ाव होते हैं और वे ही हमें अच्छी और सही जिंदगी का पाठ पढ़ाते हैं। कवि कहता है कि लोग जिसे प्रतिकूलता मानते हैं, वह अनुकूलता की सृष्टि करती है। हमें प्रतिकूलता और अनुकूलता के द्वंद्व तथा सुंदर परिणति की प्रतीति करनी चाहिए। मनुष्य को अनुकूलता के प्रति दृढ़ विश्वास रखकर उसके लिए संघर्ष करना चाहिए।
इस संग्रह की सारी कविताएँ भिन्न-भिन्न प्रकार से जीवन के प्रति विश्वास पैदा करती हैं, यानी सबमें रात से निकला हुआ सुप्रभात व्याप्त है। कवि की संवेदनशीलता और मूल्यधर्मिता उस आमजन के दर्द तथा महत्त्व की गहरी पहचान कर लेती है, जो ऊँचा कहे जानेवाले समाज की दृष्टि से ओझल है और तुच्छ है।—रामदरश मिश्र"

 

The Author

Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’

रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
जन्म : वर्ष 1959
स्थान : ग्राम पिनानी, जनपद पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)।
साहित्य, संस्कृति और राजनीति में समान रूप से पकड़ रखनेवाले डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की कहानी, कविता, उपन्यास, पर्यटन, तीर्थाटन, संस्मरण एवं व्यक्तित्व विकास जैसी अनेक विधाओं में अब तक पाँच दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित।
उनके साहित्य का अनुवाद अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच, जर्मन, नेपाली, क्रिओल, स्पेनिश आदि विदेशी भाषाओं सहित तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, संस्कृत, गुजराती, बांग्ला, मराठी आदि अनेक भारतीय भाषाओं में हुआ है। साथ ही उनका साहित्य देश एवं विदेश के अनेक विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में उनके साहित्य पर शोध कार्य हुआ तथा हो रहा है।
उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए देश के चार राष्ट्रपतियों द्वारा राष्ट्रपति भवन में सम्मानित। विश्व के लगभग बीस देशों में भ्रमण कर उत्कृष्ट साहित्य सृजन किया। गंगा, हिमालय और पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन हेतु सम्मानित।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद तथा लोकसभा की सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सभापति।

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