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"हर घर एक पाठशाला होता है, और हर माता-पिता अपने बच्चों के पहले गुरु होते हैं। यह पुस्तक एक ऐसे जीवन की सच्ची कहानी है, जहाँ संघर्ष, ममता, त्याग और संस्कारों ने मिलकर एक मजबूत परिवार की नींव रखी। 'जीवन की पहली पाठशाला : माता-पिता से मिली जीवन की राह' में लेखक ने अपने माता-पिता के जीवन की उन यादों और अनुभवों को सँजोया है, जिन्होंने उन्हें जीवन के हर मोड़ पर सही दिशा दिखाई।
यह कहानी केवल दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि उन सभी माता-पिता की है, जो अपने बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए अपना सबकुछ समर्पित कर देते हैं। यह पुस्तक पाठकों को यह एहसास कराएगी कि जीवन की सबसे बड़ी शिक्षा हमें किसी विद्यालय में नहीं, बल्कि अपने माता-पिता के सान्निध्य में मिलती है।"