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Chikitsa Aur Hum (PB)   

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Author Anil Chaturvedi
Features
  • ISBN : 9788173155581
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
  • ...more

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  • Anil Chaturvedi
  • 9788173155581
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2010
  • 156
  • Soft Cover

Description

आजकल की व्यस्तता भरी जिंदगी में मनुष्य अनेक बीमारियों से ग्रस्त है। इस भौतिकवादी युग में पुरानी मान्यताएँ टूट रही हैं, आस्थाएँ बिखर रही हैं, डॉक्टर और रोगी में पारस्परिक विश्‍वास टूट रहा है। आज का रोगी अपने रोग के बारे में पूरी जानकारी चाहता है।
पिछली शताब्दी में चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है, जिसके फलस्वरूप आम आदमी की औसत आयु में भी वृद्धि हुई है। एक ओर जहाँ एंटीबायोटिक ओषधियों के प्रचलन से संक्रामक रोगों पर नियंत्रण किया जा चुका है वहीं दूसरी ओर आधुनिक जीवन-शैली के रोग मधुमेह, उच्च रक्‍तचाप, हृदय रोग, मोटापा, कैंसर एवं मानसिक तनाव हमारे लिए एक गंभीर चुनौती हैं। हम अपनी परंपरागत जीवन-शैली, शारीरिक श्रम, सादा जीवन उच्च विचार, नियमित भोजन को छोड़कर पाश्‍चात्‍य सभ्यता के रंग में रँग गए हैं; धूम्रपान, शराब, मांसाहारी भोजन, भोग-विलास में लिप्‍त होने से, भोग से रोग के कारण आधुनिक जीवन-शैली के रोगों के शिकार हो गए। लेखक ने इस पुस्तक में आधुनिक जीवन-शैली के रोगों का विस्तृत वर्णन सरल भाषा में किया है। कई दीर्घकालीन रोग हैं, जिनका उपचार बहुत महँगा है, लेकिन अपने आचार-विचार एवं आहार-विहार द्वारा इन रोगों से अपना बचाव किया जा सकता है। आवश्यकता इस बात की है कि सावधानियों को जानने के साथ ही उन पर अमल भी किया जाय, तभी लेखक का उद‍्देश्य सफल हो सकेगा।

The Author

Anil Chaturvedi

सन् 1974 में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से एम.डी. मेडिसिन की उपाधि प्राप्‍त की, वहीं सीनियर रजिस्ट्रार तथा फिजिशियन के रूप में कार्य किया। सन् 1977 से 1982 तक सेंट स्टीफेंस अस्पताल तथा टाइम्स ऑफ इंडिया प्रकाशन समूह के चिकित्सा परामर्शदाता रहे। सन् 1983 से 1989 तक नारू में विश्‍व-प्रसिद्ध मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. पॉल जिमैट के साथ मधुमेह रोग पर अनुसंधान किया। दिल्ली के शांति मुकुंद अस्पताल, दीपक मेमोरियल अस्पताल एवं संजीवन मेडिकल सेंटर में चिकित्सा परामर्शदाता रहे। आपने नैतिकता, डॉक्टर आचार-संहिता, डॉक्टर और कानून जैसे गंभीर विषयों पर राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय गोष्‍ठ‌ियों में परिचर्चा, संवाद एवं लेखन द्वारा अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहण किया है।
विभिन्‍न पत्र-पत्रिकाओं में स्वास्‍थ्य विषयों पर अनेक महत्तवपूर्ण लेख प्रकाशित। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का ‘डॉ. भिड़े पुरस्कार’ (1994) एवं ‘डॉ. ठक्‍कर सम्मान’ (1996) प्राप्‍त हो चुके हैं।वर्ष 1996 में आपको ‘राष्‍ट्रीय हिंदी सम्मान’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। सन् 2005 में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्‍थान द्वारा ‘विज्ञान भूषण सम्मान’, सन् 2006 में ‘चिकित्सा और हम’ पुस्तक पर हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार द्वारा ‘साहित्यिक कृति सम्मान’।
संप्रति : एस्कॉर्ट हृदय संस्‍थान में रोग निवारण एवं पुनर्वास विभाग में चिकित्सा परामर्शदाता एवं ‘नेशनल कमीशन ऑफ माक्रो इकोनॉमिक्स इन हैल्‍थ’ के भूतपूर्व सदस्य।

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