Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Events | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Madan Singh

Madan Singh

एम.एस.डब्ल्यू., पी-एच.डी., ख्याति-प्राप्‍त प्रौढ़ शिक्षाविद्, उत्कृष्‍ट लेखक तथा कुशल प्रशासक हैं। विगत 43 वर्षों से प्रौढ़, सतत और आजीवन शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न उच्च पदों पर सेवारत रहे हैं। वह राज्य संसाधन केंद्र, उत्तर प्रदेश— साक्षरता निकेतन, लखनऊ के आठ वर्षों तक निदेशक रहे।
हिंदी में पुस्तकें : ‘साक्षरता शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों के लिए निर्देशन पुस्तिका’ (1968), ‘सामुदायिक कल्याण के लिए शैक्षणिक संस्थाओं का उपयोग’ (1969), ‘शिक्षा का स्वरूप’ (1972), ‘प्रौढ़ शिक्षा सलाहकार’ (1983, 1985, 1990, 1992, 1998, 2001), ‘अनुदेशक सलाहकार’ (1987, 1991), ‘कठपुतली निर्माण एवं संचालन संदर्शिका’ (1990), ‘एड्स सेरीज’ (1995), ‘प्रौढ़ शिक्षा : इतिहास और आंदोलन’ (1998), ‘भारत में शिक्षा के बढ़ते कदम’ (2008), ‘प्रौढ़ और आजीवन शिक्षा’ (2008)।
अंग्रेजी में पुस्तकें : ‘रोल ऑफ यूनिवर्सिटीज इन प्रमोटिंग एडल्ट एजूकेशन इन अरबन सेटिंग्स’ (1968), ‘ए गाइड टु लिटरेसी इन एडल्ट एजूकेशन फॉर यूनिवर्सिटी टीचर्स एण्ड स्टूडेंट्स’ (1969), ‘एडल्ट एजूकेशन एण्ड मॉडर्नाइजेशन’ (1996), ‘कंपेनियन टु एडल्ट एजूकेटर्स’ (1999), ‘एडल्ट एजूकेशन इन ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी’ (2001), ‘न्यू कंपेनियन टु एडल्ट एजूकेटर्स’ (2007, 2008)।
डॉ. सिंह ने प्रौढ़, सतत एवं आजीवन शिक्षा के अध्ययन हेतु विश्‍व के कई देशों—थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर, नेपाल, ब्रिटेन, फ्रांस तथा पुर्तगाल की यात्राएँ कीं।
संप्रति : भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ, नई दिल्ली के महासचिव तथा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडल्ट एंड लाइफलांग एजूकेशन, नई दिल्ली के रजिस्ट्रार हैं।

Books by Madan Singh