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Pratyaghaat   

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Author Brahmaveer Singh
Features
  • ISBN : 9789347014000
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Brahmaveer Singh
  • 9789347014000
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2025
  • 264
  • Soft Cover
  • 450 Grams

Description

"प्रत्याघात' मनुष्य के भस्म हो चुके संबंधों की राख में फिर से जीवन खोजने की कथा है।

जहाँ पराजय, प्रेम और पीड़ा-एक साथ पुनर्जन्म लेते हैं। यह पराजित पिता की कहानी है, जिसने हताशा को ही प्रतिरोध की भाषा बना लिया।

उसकी हार ही संघर्ष की अग्नि बनकर जल उठती है।

यह अमर प्रेम की कथा है-

जहाँ मृत्यु के बाद भी प्रेम मरता नहीं, प्रेयसी के भीतर पल्लवित होता है, अमिट हो जाता है उसकी आत्मा से मिलकर।

'प्रत्याघात' मित्रता और विषाद की दास्तान है-

जहाँ एक मित्र की मृत्यु, शेष की स्मृति में अंधकार में दीप की तरह जलती है और उसकी अनुपस्थिति ही संघर्ष का सबसे गहरा कारण बन जाती है।

'प्रत्याघात' सत्य के पुनर्जन्म की कहानी है-

जहाँ हताशा, नाउम्मीदी और बेबसी, प्रतिशोध के मुखर रूप में लौट आती है।

यह उपन्यास उन सबके लिए है-जो टूटे हैं ""पर मिटे नहीं हैं।"

The Author

Brahmaveer Singh

जन्म : 02 जुलाई, 1979 को भरतपुर, राजस्थान में।
शिक्षा : भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा।
1999 में ‘दैनिक भास्कर’, भोपाल से पत्रकारिता की शुरुआत। रायपुर में वर्ष 2000 से प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में समान रूप से सक्रिय। संवेदनशील विषयों पर शोधपरक खबरें और सतत लेखन।
प्रकाशन : ‘दशरथ का वनवास’, ‘उधार की दुल्हन’, ‘कार्तिकी काकी’, ‘खेती की मौत’, ‘अमावस की आस्था’, ‘बाबा की सियासत’ एवं ‘दलित की दोस्ती’ (कहानियाँ) एवं ‘अभिमत’ पुस्तक प्रकाशित।
संप्रति : ‘दैनिक हरिभूमि’ में समाचार संपादक।
संपर्क : 304 ए, सीजी हाइट्स, दलदल सिवनी मोवा, रायपुर।
इ-मेल : brahmaveer@gmail.com

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