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Duniya ke Mahan Chamatkar   

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Author Mahesh Dutt Sharma
Features
  • ISBN : 9788193397497
  • Language : Hindi
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Mahesh Dutt Sharma
  • 9788193397497
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 2017
  • 288
  • Hard Cover

Description

दुनिया चमत्कारों से भरी है; इनमें कुछ चमत्कार मानव-निर्मित हैं, कुछ प्राकृतिक। मनुष्य की सदा से सहज चाह रही है कि वह कुछ नया करे, कुछ नया खोजे। उसकी इसी सहज वृत्ति ने हमारी दुनिया को चमत्कारों का पिटारा बना दिया। इन चमत्कारों में मिस्र के पिरामिड, ब्राजील का क्राइस्ट दि रिडीमर, भारत का ताजमहल, रूस का क्रेमलिन, कनाडा का सी.एन. टावर, अफ्रीका के नोरोनगोरो क्रेटर एवं सेरेंगेती, ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बेरियर रीफ, संयुक्त राज्य अमेरिका का माउंट रुशमोरे इत्यादि जैसे सैकड़ों चमत्कार शामिल हैं। ये चमत्कार केवल चमत्कार भर नहीं हैं, बल्कि उस स्थान और परिवेश की कला, संस्कृति, दर्शन और भौतिक-विशेषताओं के ध्वजवाहक भी हैं। इनमें दुनिया को प्रभावित करने की क्षमता है।
इन चमत्कारों के निर्माण के साथ-साथ इनके बारे में जाननेवालों की भी कमी नहीं है। जिज्ञासुओं और यायावरों की इसी जिज्ञासा पूर्ति हेतु इस पुस्तक की रचना की गई है। पुस्तक में दुनिया भर के सौ से अधिक मानव-निर्मित एवं प्राकृतिक चमत्कारों का सुरुचिपूर्ण और जीवंत विवरण दिया गया है। विवरण के साथ दिए गए चित्र पाठकों को सहज ही उस दुनिया से रूबरू करा देते हैं।

The Author

Mahesh Dutt Sharma

पंचतंत्र की कहानियों की रचना आज से लगभग 2000 वर्ष पूर्व भारत के दक्षिण में स्थित तत्कालीन महिलारोप्य नामक नगर में राजा अमरशक्ति के शासनकाल में हुई। राजा अमरशक्ति ने अपने तीन मूर्ख और अहंकारी पुत्रों— बहुशक्ति, उग्रशक्ति और अनंतशक्ति के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सर्वशास्त्रों के ज्ञाता और कुशल ब्राह्मण पंडित विष्णु शर्मा को सौंपी।
राजकुमारों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित करने के लिए पंडित विष्णु शर्मा ने नीतिशास्त्र से संबंधित कथाएँ उन्हें सुनाईं। इन कथाओं में पात्रों के रूप में उन्होंने पशु-पक्षियों का वर्णन किया और अपने विचारों को कथारूप में मुख से व्यक्त कर राजकुमारों को उचित-अनुचित आदि का ज्ञान दिया व व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया।
राजकुमारों का शिक्षण पूरा होने पर पंडित विष्णु शर्मा ने इन कहानियों को पंचतंत्र की प्रेरक कहानियों के रूप में संकलित किया। आज भी इन अमर कथाओं की प्रासंगिकता जस-की-तस बनी हुई है। इनके अध्ययन और अनुकरण द्वारा निश्चित ही नीतिशास्त्र में निपुण हुआ जा सकता है, इसमें जरा भी संदेह नहीं है।
हर आयु के पाठकों के लिए पठनीय, संग्रणीय और अनुकरणीय पुस्तक।

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