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Author Dr. Shyam Singh Tanwar/Smt. Mradulata
Features
  • ISBN : 9789355210586
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Dr. Shyam Singh Tanwar/Smt. Mradulata
  • 9789355210586
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2026
  • 288
  • Soft Cover
  • 200 Grams

Description

आज मुश्किल है। कल और भी मुश्किल होगा, कल के बाद जो सुबह आएगी, वह बहुत खूबसूरत होगी, लेकिन अधिकतर लोग कल शाम हार मान लेते हैं। आपको मेहनत करने की जरूरत है। हर मुश्किल समय, हर समस्या, जो आपके सामने आती है, वह खुद को तैयार करने का सबसे बड़ा साधन होती है।

The Author

Dr. Shyam Singh Tanwar/Smt. Mradulata

डॉ. श्याम सिंह तँवर, एम.ए. (इतिहास व अंग्रेजी) पी-एच. डी., राजस्थान के राजकीय कॉलेजों में ऐसोशिएट  प्रोफेसर  पद  से सेवानिवृत्तोपरांत इतिहास का गहन पठन-पाठन कर अंग्रेजों द्वारा भारत के आधुनिक इतिहास को कितना तोड़ा-मरोड़ा, उसका आकलन कर भारत के यथार्थपरक आधारभूत मौलिक इतिहास को नए सिरे से लिखने का प्रयास कर रहे हैं। एक पुस्तक ‘भारतीय स्वतंत्रता के पितामह सुभाषचंद्र बोस—अपनों ने ही भुलाया’ 2016 में प्रकाशित।
श्रीमती मृदुलता हिंदी साहित्य व हिंदी भाषा जगत् में पर्याप्त दक्षता और निपुणता प्राप्त कर अपना एकाकी स्थान व अलग व्यक्तिगत पहचान बना रखी है। इतिहास का लेखन उनको विरासत में मिला है। पिताश्री मांगीलाल जी महेचा, एम.ए., एल.एल.बी. ने राजस्थान के अतिरिक्त कमिश्नर के उच्च पद से सेवानिवृत्त होकर एक कालजयी ऐतिहासिक कृति ‘राजस्थान के राजपूत—उत्थान और पतन’ का सृजन कर समाज व राष्ट्र में एक कीर्तिमान स्थापित किया। मृदुलता ने सारी पुस्तक की भाषा को ओज का लावण्य प्रदान कर अपने ऐतिहासिक क्षेत्र के प्रथम प्रयास को सफलीभूत किया है।

 

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