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वर्ष 2024 वैश्विक भू-राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों, संघर्षों और नई साझेदारियों का वर्ष रहा। रूस-यूक्रेन युद्ध, इजराइल-हमास संघर्ष और लाल सागर में हूती हमलों ने वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं के सामने भी अनेक चुनौतियाँ रहीं। इसी दौरान BRICS+, SCO और अन्य बहुपक्षीय समूहों के बढ़ते प्रभाव ने विश्व व्यवस्था के अधिक बहुध्रुवीय होने के संकेत दिए।
भारत ने 2024 में वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभाई। भारत ने ग्लोबल साउथ के हितों को प्रमुखता देते हुए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समावेशी और सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड के माध्यम से भारत ने अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ समुद्री सुरक्षा एवं सहयोग को मजबूत किया।
दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया, यूरोप, अफ्रीका और मध्य एशिया में राजनीतिक परिवर्तन, संघर्ष और आर्थिक चुनौतियाँ प्रमुख विषय रहे। चाबहार बंदरगाह समझौते सहित भारत की क्षेत्रीय संपर्क पहलों ने उसकी रणनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाया। कुल मिलाकर, 2024 ने बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की सक्रिय, संतुलित और रणनीतिक कूटनीति को रेखांकित किया।