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"(आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) व्यक्ति और समूह को वास्तविक दुनिया से निकालकर Al कल्पनाओं की वैकल्पिक दुनिया में ले जाने वाला औजार है। इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी भाषा में इमर्सिंग अनुभव देने वाला औजार कह सकते हैं। उस इमर्सिंग अनुभव को तकनीकी भाषा में वर्चुअल ऑग्मेंटेड रियलिटी का नाम दे सकते हैं।
AI (ए.आई.) खुद से सोच नहीं सकता। लेकिन ए.आई. तकनीक में ह्यूमन सेंस न्यूरिक प्रणाली को पकड़ने की क्षमता लाजवाब है। प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) निपुण इस्तेमाल करने में सक्षम है। प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण एक गणितीय ढाँचा (एल्गोरिदम) है। यह एल्गोरिदम एक तरह का कोडिंग है, जो रचनात्मकता के लिए रोचक है और उत्तेजक भी। जेनरेटिव AI (ए.आई.) लर्निंग सॉफ्टवेयर में पार्ट ऑफ स्पीच के साथ सेंस-टैगिंग की सटीकता जग जाहिर है। अपनी इन कमाल की खूबियों के चलते ए.आई. देश-दुनिया के लिए 'अलादीन का चिराग' बन गया है।"
जन्म : 26 जनवरी, 1967 को सीवान के जुड़कन गाँव में।
शिक्षा : बी.एच.यू., वाराणसी से बी.ए. (इतिहास ऑनर्स) और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर।
संप्रति : सहायक निदेशक (समाचार) दूरदर्शन केंद्र, पटना में कार्यरत।
संपर्क : ग्राम-जुड़कन, पो.-मड़कन, जिला-सीवान-841226
इ-मेल : ajaypatnadfp@gmail.com