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"यह धरा मेरी यह गगन मेरा, इसके वास्ते शरीर का कण-कण मेरा' - इन पंक्तियों को चरितार्थ करने वाले क्रांतिकारियों के आराध्य देव स्वातंत्र्य-वीर विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। वे न केवल स्वाधीनता संग्राम के एक तेजस्वी सेनानी थे अपितु महान् क्रांतिकारी, चिंतक, सिद्धहस्त लेखक, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता भी थे।
वे एक ऐसे इतिहासकार भी हैं, जिन्होंने हिंदू राष्ट्र की विजय के इतिहास को प्रामाणिक ढंग से लिपिबद्ध किया है। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता समर का सनसनीखेज व खोजपूर्ण इतिहास लिखकर ब्रिटिश शासन को हिलाकर रख दिया था। अप्रितम क्रांतिकारी, दृढ़ राजनेता, समर्पित समाज-सुधारक, दार्शनिक, दृष्टा, महान् कवि और महान् इतिहासकार आदि अनेकोनेक गुणों के धनी वीर सावरकर हर भारतीय की श्रद्धा के केंद्रबिंदु हैं। उनका संघर्ष, त्याग, उन्हें मिली यातनाएँ और तिरस्कार की करुणगाथा हमें उद्वेलित करती है, राष्ट्रभाव जगाती है।"
अनीता गौड़ एक स्वतंत्र लेखिका होने के साथ-साथ टेलीविजन सीरियलों से भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने विभिन्न चैनलों के लिए स्क्रिप्ट लेखन किया है, जिसमें विज्ञान के साथ-साथ कॉमेडी और फिक्शन पर आधारित धारावाहिक भी शामिल हैं। इसके अलावा ब्रॉडकास्ट मीडिया, यानी रेडियो के विभिन्न चैनलों, जैसे विविध भारती, एफएम गोल्ड से प्रसारित होनेवाले धारावाहिकों की स्क्रिप्टिंग के अतिरिक्त कहानियों, वार्त्ताओं, कविता पाठ में समय-समय पर सक्रिय रहती हैं। विभिन्न प्रकाशनों से उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें पाठकों ने बहुत सराहा है।