Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Nibandh Mahasagar (PB)   

₹250

  We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00
Delivery Usually delivered in 5-6 days.
Author Dr. P. K. Agrawal
Features
  • ISBN : 9789352669257
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Dr. P. K. Agrawal
  • 9789352669257
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2018
  • 300
  • Soft Cover

Description

प्रस्तुत पुस्तक ‘निबंध महासागर’ संघ सिविल सेवा एवं विभिन्न राज्य सेवाओं की मुख्य परीक्षा हेतु लिखी गई है। इसमें विभिन्न विषयों यथा राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, अंतर्राष्ट्रीय, पारिस्थितिकी एवं विज्ञान इत्यादि पर निबंध प्रस्तुत किए गए हैं। मौलिकता, विविधता, स्पष्टता, सरलता एवं रोचकता इन निबंधों की विशेषता है। प्रस्तुत पुस्तक पारंपरिक एवं नवीन दोनों प्रकार के निबंधों का एक अनूठा संग्रह है। यह पुस्तक सामान्य पाठक के लिए भी समान रूप से उपयोगी है क्योंकि बाजार में निबंध की पुस्तकों का अभाव है।
पुस्तक की विशेषताएँ
विषय का सरल व सहज भाषा में पूर्ण विवेचन
निबंध लेखन की प्रक्रिया और सिद्धांत पर विशिष्ट सामग्री
सिविल सेवा में पूछे गए विगत पाँच वर्षों के निबंधों के हल प्रश्न-पत्र

____________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________

विषय सूची  
भाग-1: निबंध लेखन की प्रक्रिया एवं सिद्धांत 5. योजना आयोग बनाम नीति आयोग — Pgs. 12
निबंध लेखन की प्रक्रिया एवं सिद्धांत — Pgs. 3 6. वस्तु एवं सेवा कर (GST) की उपयोगिता एवं महत्व — Pgs. 15
भाग-2: विगत वर्षों में सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में पूछे गए निबंध (वर्ष 2013 से 2017 तक)  7. बेरोजगारी एक गंभीर समस्या — Pgs. 18
वर्षं 2013 8. भारत में उदारीकरण — Pgs. 22
1. जो बदलाव आप दूसरों में देखना चाहते हैं पहले स्वयं में लाइए—गांधीजी — Pgs. 3 9. भारत में गरीबी : दशा और दिशा — Pgs. 25
2. सकल घरेलू उत्पाद के साथ-साथ सकल घरेलू खुशहाली देश की संपन्नता के 10. मेक इन इंडिया — Pgs. 28
    मूल्यांकन के सही सूचकांक होंगे — Pgs. 5 11. कौशल भारत, कुशल भारत — Pgs. 31
3. वेश्यावृत्ति को कानूनी तौर पर वैध बनाया जाए या नहीं? — Pgs. 8 12. काला धन : समस्या एवं समाधान — Pgs. 34
4. क्या औपनिवेशिक मानसिकता भारत की  सफलता में बाधक हो रही है? — Pgs. 11 13. स्मार्ट भारत के निर्माण की ओर एक कदम : स्मार्ट सिटी मिशन — Pgs. 37
5. आवश्यकता लोभ की जननी है तथा लोभ का आधिक्य मानव को बर्बाद करता है — Pgs. 13 14. सांसद आदर्श ग्राम योजना — Pgs. 40
6. संघीय भारत में राज्यों के बीच जल-विवाद — Pgs. 16 15. डिजिटल इंडिया बनाम ग्रीन इंडिया — Pgs. 43
7. नव प्रवर्तन, आर्थिक संवृद्धि और समाज कल्याण का अपरिहार्य कारक — Pgs. 20 16. भूमि अधिग्रहण और विकास — Pgs. 46
8. सहकारी संघवाद : मिथक अथवा यथार्थ — Pgs. 22 17. भारत में खाद्य सुरक्षा — Pgs. 49
वर्ष 2014 भाग-5: सामाजिक विषयों पर आधारित निबंध
9. क्या प्रतिस्पर्धा का बढ़ता स्तर युवाओं के हित में है? — Pgs. 24 1. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की  सफलता और असफलता — Pgs. 3
10. शब्द दो-धारी तलवार से अधिक तीक्ष्ण होते हैं — Pgs. 26 2. जाति प्रथा : कल, आज और कल — Pgs. 5
11. क्या यह नीति-गतिहीनता थी या क्रियान्वयन-गतिहीनता थी, जिसने हमारे देश की 3. सांप्रदायिकता : एक भयंकर त्रासदी — Pgs. 8
संवृद्धि को मंथर बना दिया था? — Pgs. 29 4. युवा असंतोष : प्रतिभा पलायन, कारण एवं निवारण — Pgs. 11
12. क्या स्टिंग ऑपरेशन निजता पर प्रहार है? — Pgs. 32 5. धर्मान्धता की गिरफ्त में भारत — Pgs. 13
13. पर्यटन : क्या भारत के लिए अगला बड़ा प्रेरक हो सकता है? — Pgs. 35 6. भारतीय समाज में समलैंगिकता की स्वीकृति या अस्वीकृति — Pgs. 16
14. ओलंपिक में 50 स्वर्ण पदक : क्या भारत के लिए वास्तविकता हो सकती है? — Pgs. 38 7. ट्रांसजेंडर समुदाय — Pgs. 19
वर्ष 2015 8. समान नागरिक संहिता — Pgs. 21
15. फुर्तीला, किंतु संतुलित व्यक्ति ही दौड़ में विजयी होता है — Pgs. 41 9. योग का महत्व — Pgs. 23
16. किसी संस्था का चरित्र-चित्रण, उसके नेतृत्व में प्रतिबिंबित होता है — Pgs. 44 10. भारत और वैश्वीकरण — Pgs. 26
17. मूल्यों से वंचित शिक्षा, जैसी अभी उपयोगी है, व्यक्ति को अधिक चतुर शैतान बनाने जैसी लगती है — Pgs. 46 11. असहिष्णुता : समस्या और समाधान — Pgs. 29
18. प्रौद्योगिकी मानवशक्ति को विस्थापित नहीं कर सकती — Pgs. 48 भाग-6: शैक्षिक विषयों पर आधारित निबंध
19. भारत के सम्मुख संकट—नैतिक एवं आर्थिक — Pgs. 50 1. देश के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों के कॉलेजों की बुरी हालत — Pgs. 3
20. वे सपने जो भारत को सोने न दें — Pgs. 52 2. हिंदी राजभाषा से राष्ट्रभाषा बने — Pgs. 6
21. क्या पूंजीवाद द्वारा समावेशित विकास हो पाना संभव है? — Pgs. 54 3. वर्तमान भारत में शिक्षा का स्वरूप — Pgs. 8
22. अधिकार बढ़ने के साथ उत्तरदायित्व भी बढ़ जाता है — Pgs. 57 4. प्राथमिक शिक्षा का उद्घोष ‘सर्वशिक्षा अभियान’ की स्थिति — Pgs. 11
वर्ष 2016 भाग-7: अन्तर्राष्ट्रीय विषयों पर आधारित निबंध
23. साइबर स्पेस और इंटरनेट : दीर्घ अवधि में मानव सभ्यता के लिए वरदान अथवा अभिशाप — Pgs. 59 1. ब्रिक्स : उभरती अर्थव्यवस्थाओं का संगठन — Pgs. 3
24. भारत में लगभग रोजगार विहीन संवृद्धि : आर्थिक सुधार की विसंगति या परिणाम — Pgs. 63 2. भूमंडलीकरण — Pgs. 6
25. डिजिटल अर्थव्यवस्था : एक समताकारी या असमता का स्रोत — Pgs. 66 3. नवसाम्राज्यवाद — Pgs. 9
26. किसी को अनुदान देने से उसके काम में हाथ बंटाना बेहतर है — Pgs. 69 4. गुट निरपेक्षता — Pgs. 11
वर्ष 2017 5. भारत की विदेश नीति : बदलते आयाम — Pgs. 13
27. भारत में अधिकतर कृषकों के लिए कृषि जीवन-निर्वाह पर आधारित एक सक्षम स्रोत नहीं — Pgs. 71 भाग-8: पारिस्थितिकी एवं विज्ञान विषयों पर आधारित निबंध
28. भारत में संघ और राज्यों के बीच राजकोषीय संबंधों पर नए आर्थिक उपायों का प्रभाव — Pgs. 73 1. बढ़ता प्रदूषण और पृथ्वी का तापमान — Pgs. 3
29. राष्ट्र के भाग्य का स्वरूप-निर्माण विद्यालय की कक्षाओं में होता है — Pgs. 75 2. भारत के संबंध में प्राकृतिक संसाधनों की महत्ता — Pgs. 5
30. क्या गुट-निरपेक्ष आंदोलन एक बहुधु्रवी विश्व में अपनी प्रासंगिकता को खो बैठा है? — Pgs. 77 3. आपदा प्रबंधनः सुधार एवं तकनीक — Pgs. 7
31. हर्ष कृतज्ञता का सरलतम रूप है — Pgs. 79 4. जल प्रदूषण एवं गंगा की सफाई — Pgs. 9
32. भारत में ‘नए युग की नारी’ की परिपूर्णता एक मिथक है — Pgs. 81 5. जी. एम. फसल — Pgs. 13
33. हम मानवीय नियमों का साहसपूर्वक सामना कर सकते हैं, 6. ओजोन परत की सुरक्षा — Pgs. 15
परंतु प्राकृतिक नियमों का प्रतिरोध नहीं कर सकते — Pgs. 83 7. वन्यजीव संरक्षण — Pgs. 17
34. ‘सोशल मीडिया’ अंतर्निंहित रूप से एक स्वार्थपरायण माध्यम है — Pgs. 85 8. ग्लेशियर का पिघलना : पानी में विश्व  — Pgs. 20
भाग-3: राजनीतिक एवं प्रशासनिक विषयों पर आधारित निबंध 9. विज्ञान : सृजन या विध्वंस — Pgs. 22
1. शासन, प्रशासन और परिवारवाद — Pgs. 3 10. मानव क्लोनिंग : उचित या अनुचित प्रयास — Pgs. 24
2. जाति, धर्म और सांप्रदायिकता विहीन राजनीति पंथनिरपेक्ष होनी चाहिए — Pgs. 6 11. टेस्ट ट्यूब बेबी : सरोगेसी का बढ़ता चलन — Pgs. 26
3. भ्रष्टाचार मुक्त लोक प्रशासन एवं लोकतंत्र — Pgs. 9 12. रॉकेट की दुनिया का कमाल : क्रायो तकनीक — Pgs. 28
4. लोकतंत्र में मीडिया और उसकी उपयोगिता — Pgs. 12 13. नैनो तकनीक : भविष्य की उन्नत दृष्टि — Pgs. 30
5. मानवाधिकार की रक्षा हेतु संयुक्त राष्ट्र की भूमिका — Pgs. 15 14. युवाओं को लुभाता ई-शॉपिंग — Pgs. 32
6. भारतीय राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व — Pgs. 18 15. ई-कचरा — Pgs. 34
7. जनलोकपाल विधेयक : स्वप्न या हकीकत — Pgs. 20 16. ऊर्जा के विभिन्न स्रोत — Pgs. 35
8. आतंकवाद बनाम नक्सलवाद : एक विचारधारा या चुनौती — Pgs. 22 17. एड्स की चुनौतियां एवं उपाय — Pgs. 37
9. भारतीय राजनीति और आरक्षण — Pgs. 25 18. मंगलयान : प्रौद्योगिकी का विकास — Pgs. 39
10. न्यायालय प्रक्रिया का कार्यपालिका में हस्तक्षेप — Pgs. 27 भाग-9: समसामयिक विषयों पर आधारित निबंध
11. भारत में गठबंधन सरकार की सार्थकता — Pgs. 29 1. सोशल मीडिया का दुरुपयोग — Pgs. 3
12. चुनाव आयोग द्वारा चुनाव सुधार का प्रयास — Pgs. 32 2. रोहिंग्या मुसलमान : शरणार्थी या आतंकी — Pgs. 5
भाग-4: आर्थिक विषयों पर आधारित निबंध 3. जनजाति संस्कृति की सुरक्षा एवं संभावना — Pgs. 7
1. विमुद्रीकरण (नोटबंदी) : प्रभाव एवं परिणाम — Pgs. 3 4. स्वच्छ भारत : एक कदम स्वच्छता की ओर — Pgs. 9
2. विमुद्रीकरण का भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव — Pgs. 5 5. कश्मीर त्रासदी : पैलेटगन एवं पत्थरबाज — Pgs. 11
3. विमुद्रीकरण का प्रबंधन — Pgs. 7 6. रेल दुर्घटना : विविध प्रश्न — Pgs. 13
4. मनरेगा : एक मूल्यांकन — Pgs. 9 7. प्रवासी भारतीय — Pgs. 15

The Author

Dr. P. K. Agrawal

Customers who bought this also bought

WRITE YOUR OWN REVIEW