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Bharat Ka Samvidhan   

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Author Dr. Pramod Kumar Agrawal
Features
  • ISBN : 9789382901747
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
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More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Dr. Pramod Kumar Agrawal
  • 9789382901747
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2018
  • 324
  • Hard Cover

Description

संविधान का राष्‍ट्रीय लोक-विमर्श आज भी लगभग पूरी तरह अंग्रेजी भाषा का मुखापेक्षी है। इस विमर्श में आम आदमी की छवि एवं उनके सरोकार तो नजर आते हैं, किंतु आम आदमी की भाषा सुनाई नहीं देती। इस ग्रंथ में हिंदी में विवेकसंगत एवं संतुलित संविधान-विमर्श के साथ ही आम आदमी की समझ में आनेवाली भाषा प्रयोग की गई है। संविधान-रचना की पृष्‍ठभूमि और व्याख्या की दृष्‍टि से यह ग्रंथ हिंदी भाषा में संविधान-साहित्य को एक अमूल्य और बेजोड़ उपहार है।
प्रस्तुत ग्रंथ में संविधान के विविध पक्षों पर सरल एवं सुबोध भाषा में प्रकाश डाला गया है। इसमें संविधान के उलझे हुए प्रश्‍नों के विवेचन के साथ-साथ संविधान के विषयों का अनुच्छेद-आधारित उल्लेख भी है। संविधान की रचना की पृष्‍ठभूमि देते हुए बताया गया है कि कई ‘अर्धवैधानिक’ नियम भी संविधान एवं शासन प्रबंध की व्यावहारिकता में महत्त्वपूर्ण होते हैं। उन सबको लेकर एक सांगोपांग एवं सर्वतोमुखी संवैधानिक विवेचन इस ग्रंथ में समाविष्‍ट है, जिसमें इतिहास है, राजनीति है, समाजशास्‍‍त्र है।
इस ग्रंथ की विशेषता है कि यह सरल, सुबोध एवं सुव्यवस्थित होने के साथ-साथ अध्ययनशील स्पष्‍टता, प्रामाणिकता एवं गुणवत्ता से भी संपन्न है। —डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी

The Author

Dr. Pramod Kumar Agrawal

डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सन् 1973 में एल एल.बी. में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा डी.फिल (विधि) की उपाधि अर्जित की। डॉ. अग्रवाल ने कोलकाता विश्वविद्यालय से एल.एल.एम. किया। कुछ समय विधि में अध्यापन कार्य करने के पश्चात् डॉ. अग्रवाल 34 वर्षों तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत रहे।
डॉ. अग्रवाल भारत सरकार के न्याय विभाग में 1987 से 1992 तक संयुक्त सचिव रहे, जहाँ वे न्यायिक सुधारों से संबंधित रहे।
आई.ए.एस. से अवकाश ग्रहण करने के पश्चात् डॉ. अग्रवाल चार वर्ष भारत की अग्रगण्य विधि संस्था खेतान एंड कंपनी में साझीदार तथा रियल इस्टेट अनुभाग के अध्यक्ष रहे। वर्तमान में डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल नई दिल्ली स्थित विधि संस्था ‘वैश ग्लोबल’ के प्रबंध साझीदार हैं तथा स्वतंत्र लेखन में संलग्न हैं। डॉ. अग्रवाल हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। हाल ही में हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग द्वारा ‘साहित्य महोपाध्याय’ उपाधि से सम्मानित।
डॉ. अग्रवाल की हिंदी व अंग्रेजी में लगभग साठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें अंग्रेजी भाषा में डॉ. के.एन. चतुर्वेदी के साथ ‘कमेंटरी ऑन दि कॉन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया’ भी सम्मिलित है।
संपर्क सूत्र : 105, सेंतूलाल सर्राफ  रोड, बरूआसागर, जि. झांसी-284201 (उ.प्र.)

 

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