Main Aavaz Hoon

Main Aavaz Hoon   

Author: Kusum Veer
ISBN: 8188266876
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
Edition: 1st
Publication Year: 2010
Pages: 102
Binding Style: Hard Cover
Rs. 150
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Description
कुसुम वीर की कविताएँ बहुत कुछ कहती हैं । जीवन से जुड़े अनेक संघर्ष और अनुभव उनकी कविताओं में झलकते हैं । सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण चुनौती तो अभिव्यक्‍त‌ि की है, जिसे उन्होंने अपनी कविता ' मैं आवाज़ हूँ ' के माध्यम से सुदृढ़ आत्मविश्‍वास के साथ व्यक्‍त किया है । कवयित्री समाज की उन शक्‍त‌ियों के सामने झुकने को तैयार नहीं । दमन और अन्याय के खिलाफ़ उसकी आवाज़ बुलंद है और रहेगी, ताकि बाधाओं और अंधविश्‍वास की दीवारें गिराई जा सकें । कवयित्री का साहस अदम्य है और आत्मविश्‍वास अपराजेय ।
ये कविताएँ जीवन की ऊहापोह से गुजरते हुए एक निश्छल मन की अभिव्यक्‍त‌ियाँ हैं । इन कविताओं में भावनाएँ विचार, रुचियाँ-उनका समूचा व्यक्‍त‌ित्व परिलक्षित होता है । जैसे मनुष्य के व्यक्‍त‌ित्व के अनेक पहलू होते हैं, कुसुम वीर की कविताओं के भी कई रंग हैं । एक ओर सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश की जकड़न का गहरा अहसास है, वहीं मन की कोमलतम संवेदनाओं को भी ये कविताएँ उजागर करती हैं ।
इन कविताओं का एक अहम विषय है सामाजिक एवं राजनीतिक परिवेश की विसंगतियाँ । भारत की गौरवमयी सांस्कृतिक विरासत के बावजूद वर्तमान समाज में बहुत सी बातें असहनीय हैं । उनके विरोध में कवयित्री के मन का आक्रोश कई कविताओं में मुखर हुआ है ।
और भी बहुत-कुछ कहा जा सकता है कुसुम वीर की कविताओं के बारे में, उनकी संभावनाओं के बारे में । परंतु बेहतर यह है कि पाठक सीधे कविताओं मे हो सुनें कि वे क्या कहती हैं!
The Author
Kusum VeerKusum Veer

शिक्षा : आगरा विश्‍वविद्यालय, वर्ष 1970, बी.ए. प्रथम श्रेणी, स्वर्ण पदक, सर्वोत्तम छात्रा । 1972 में एम.ए. (मनोविज्ञान), प्रथम श्रेणी ।
विशेष : 1968 से 1972 तक नेशनल स्कॉलर । 1984, ' भारत की सर्वोत्तम युवा' का पुरस्कार ।
अनुभव : 1980 से 1990 तक उत्तर प्रदेश सरकार में जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी । 1990 से 2003 तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर ।
2003 से 2007 तक भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राजभाषा विभाग तथा 'केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो' में निदेशक ।
जनवरी 2008 से भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय में ।
प्रकाशित पुस्तकें : ' 30 दिन में हिंदी सीखें', 'राजभाषा व्यवहार, 'A Few Steps in Learning Hindi.'
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेखों और कविताओं का प्रकाशन । आकाशवाणी तथा दूरदर्शन पर वार्त्ताओं तथा परिचर्चाओं में प्रतिभागिता ।
संप्रति : प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय, भारत सरकार में निदेशक ।

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