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Lalu Leela   

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Author Sushil Kumar Modi
Features
  • ISBN : 9789353220730
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Sushil Kumar Modi
  • 9789353220730
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2019
  • 200
  • Hard Cover

Description

लालू प्रसाद ने विधायक, पार्षद, सांसद और मंत्री बनाने के एवज में जहाँ रघुनाथ झा, कांति सिंह जैसे अनेक नेताओं से जमीन-मकान दान में लिखवा लिये, वहीं भ्रष्टाचार से कमाए काले धन को सफेद करने के लिए बीपीएल श्रेणी के ललन चौधरी, रेलवे के खलासी हृदयानंद चौधरी तथा भूमिहीन प्रभुनाथ यादव, चंद्रकांता देवी, सुभाष चौधरी तक से नौकरी, ठेका या अन्य लाभ पहुँचाने के एवज में कीमती जमीन-मकान दान के जरिए हासिल कर लिये।
लालू परिवार ने अपने रिश्तेदारों को भी बेनामी संपत्ति हासिल करने का माध्यम बनाया। भाई के समधियाने, अपनी ससुराल, बेटी के ससुराल के रिश्तेदारों के नाम से पहले अपने काले धन से जमीन-मकान खरीदे और बाद में पत्नी, बेटों व बेटियों के नाम गिफ्ट करवा लिये। ऐसे करीब एक दर्जन मामले उजागर हुए हैं, जिनमें लालू परिवार ने करोड़ों की संपत्ति कौडि़यों के दाम पर राजनेताओं, अपने कारिंदों या रिश्तेदारों से दान करवा ली। इसके अलावा लालू प्रसाद ने संपत्ति हथियाने में आधा दर्जन से ज्यादा मुखौटा कंपनियों (shell companies) का इस्तेमाल करने में राबर्ट वाड्रा को भी मात कर दिया।
पत्नी, बेटों, बेटियों के लिए ही नहीं आनेवाली तीन-तीन पीढि़यों के लिए संपत्ति बटोरने की हवस का नाम है लालू प्रसाद।

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अनुक्रम

प्राक्कथन : लालू परिवार के भ्रष्टाचार का जीवंत दस्तावेज —Pgs. 5

लेखकीय : संपत्ति बटोरने की लीला निराली... —Pgs. 7

लालू परिवार के भ्रष्टाचार की अंतहीन दास्ताँ —Pgs. 17

खोखा कंपनियों के जरिए अकूत बेनामी संपत्ति

डिलाइट मार्केटिंग प्रा. लि. —Pgs. 19

• कोचर की इसी 3.5 एकड़ जमीन पर बन रहा है  750 करोड़ का बिहार का सबसे बड़ा मॉल —Pgs. 20

• बिना पर्यावरण की अनुमति के मॉल के  निर्माण पर केंद्र की रोक —Pgs. 21

• बिना नक्शा पास कराए हो रहा था मॉल का निर्माण —Pgs. 23

• साजिश, धोखाधड़ी एवं आपराधिक कृत्य के खिलाफ सी.बी.आई. ने दर्ज की एफ.आई.आर. और चार्जशीट —Pgs. 25

• मिट्टी घोटाला : मुफ्त के आम, गुठलियों के दाम —Pgs. 50

ए.के. इन्फोसिस्टम्स प्रा.लि. —Pgs. 53

हर काम के लिए जमीन

फेयर ग्रो होल्डिंग्स प्रा.लि. —Pgs. 56

टाटा स्टील के दो मंजिला मकान के मालिक बन गए तेजस्वी

• टिस्को की संपत्ति तेजस्वी को देने के लिए  सहारा समूह ने भुगतान किया  —Pgs. 61

• टाटा एवं सहारा समूह को उपकृत करने के  एवज में ली गई संपत्ति —Pgs. 62

ए.बी. एक्सपोर्ट्स प्रा.लि. —Pgs. 64

रंग चोखा करने का नायाब नुस्खा

मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्रा.लि. —Pgs. 67

काले धन को ठिकाने लगाने का जरिया

के.एच.के. होल्डिंग्स प्रा.लि. —Pgs. 70

मनी लाउंड्रिंग का खेल

दान के मुखौटे से जमीन/मकान हथियाने का गोरखधंधा —Pgs. 73

कांति सिंह ने मंत्री बनने के लिए

अपनी संपत्ति लीज पर दी और दान की —Pgs. 74

कांति सिंह ने तेजस्वी-तेज प्रताप को जमीन-मकान किया गिफ्ट —Pgs. 77

रघुनाथ झा ने मंत्री पद की चाहत में

करोड़ों की संपत्ति को कर दिया दान —Pgs. 80

ललन चौधरी : लालू के ‘भामाशाह’ —Pgs. 82

हृदयानंद चौधरी : रेलवे के खलासी की दानवीरता —Pgs. 86

प्रभुनाथ यादव : रिश्ते का सौदा —Pgs. 89

सुभाष चौधरी : लालू के पैसों से

जमीन खरीद मीसा को किया दान —Pgs. 91

चंद्रकांता चौधरी : सास-बहू का दान का रिश्ता —Pgs. 92

रमा देवी से तेज प्रताप को 3 वर्ष 8 माह की उम्र में

13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन मिली दान में —Pgs. 93

गिफ्ट कैंसिल कराने का दावा  —Pgs. 95

मंगरू यादव को भी नहीं बख्‍शा —Pgs. 98

लालू लोगों से बख्शीश लेते रहे

परंतु कभी किसी को बख्शीश नहीं दी

तीन पीढ़ियों का इंतजाम —Pgs. 100

एम.एल.सी. बनाने के एवज में 4 प्लॉट का राबड़ी देवी के

नाम पॉवर ऑफ एटॉर्नी और तेजस्वी-तेज प्रताप के नाम वसीयत

सुभाष चंद्र चौधरी ने भी पावर ऑफ एटॉर्नी के माध्यम से

राबड़ी को सौंप दी जमीन —Pgs. 104

लीज द्वारा 255 डिसमिल जमीन के

मालिक बने तेजस्वी यादव —Pgs. 106

तेजस्वी केवल 750 करोड़ रुपए का मॉल

ही नहीं बनवा रहे थे, बल्कि करोड़ों के

लोहे का व्यापार भी करते हैं —Pgs. 109

29 साल की उम्र में  तेजस्वी यादव 5 मकान,

47 जमीन सहित कुल 52 संपत्ति के मालिक —Pgs. 112

पेट्रोल पंप का मालिक लालू परिवार —Pgs. 115

तेज प्रताप का पेट्रोल पंप घोटाला

लारा इंटीरियर्स प्रा.लि.—‘ला’ से लालू, ‘रा’ से राबड़ी  —Pgs. 118

• तेज प्रताप ने छुपाई औरंगाबाद की संपत्ति —Pgs. 120

• चुनाव आयोग से तेज प्रताप की  सदस्यता रद्द करने की माँग —Pgs. 121

• औरंगाबाद में तेज प्रताप यादव द्वारा  खरीदी गई जमीन का ब्योरा —Pgs. 124

• झूठे शपथ-पत्र के खिलाफ मुकदमा —Pgs. 126

बड़े भाई होने के बावजूद मात्र 26 भूखंडों एवं

2 मकान परंतु 20 लाख की मोटरसाइकिल एवं

30 लाख की BMW के मालिक तेज प्रताप —Pgs. 128

राजद के पूर्व मंत्री के मॉल में लालू की

दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य की संपत्ति —Pgs. 130

671 डिसमिल की मालकिन लालू की चौथी बेटी रागिनी —Pgs. 133

राबड़ी-लालू और उनके परिजनों के फ्लैट व प्लॉट  —Pgs. 136

श्रीमती राबड़ी देवी पटना में 18 फ्लैट्स की मालकिन

लालू-बालू का रिश्ता —Pgs. 140

बालू माफिया ने खरीदे राबड़ी देवी के 8 फ्लैट्स

कुल 43 भूखंड एवं 30 फ्लैट की मालकिन राबड़ी देवी —Pgs. 143

लालू की बेटियाँ भी होड़ में शामिल —Pgs. 145

संपत्ति बटोरने में मीसा भारती भी पीछे नहीं  —Pgs. 147

एम.एल.ए. को-ऑपरेटिव में

पाँच प्लॉट्स का मालिक लालू परिवार —Pgs. 149

परिवार के लिए 141 भूखंड, 30 फ्लैट एवं 5 मकान

अर्जित करनेवाले लालू मात्र 3 संपत्ति के मालिक —Pgs. 154

आवामी को-आॅपरेटिव बैंक लालू की दुधारू गाय —Pgs. 155

तेजस्वी का 750 करोड़ का मॉल

बनानेवाला सुरसण्ड से राजद का

विधायक अबू दोजाना Habitual offender —Pgs. 158

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त संपत्ति —Pgs. 160

• डिलाइट मार्केटिंग की जब्त की गई संपत्तियों का ब्योरा —Pgs. 160

• ए.के. इन्फोसिस्टम्स की जब्त की गई संपत्ति का ब्योरा —Pgs. 164

• ए.बी. एक्सपोर्ट्स की जब्त संपत्ति का ब्योरा —Pgs. 167

• मिशेल पैकर्स की जब्त संपत्ति का ब्योरा —Pgs. 167

• ललन चौधरी और हृदयानंद चौधरी की जब्त की गई संपत्ति —Pgs. 168

Property details

• Smt. Rabari Devi —Pgs. 171

• Shri Lalu Prasad Yadav —Pgs. 175

• Shri Tejashwi Yadav  —Pgs. 176

• Shri Tej Pratap Yadav —Pgs. 178

• Miss Raj Laxmi (Daughter) —Pgs. 180

• Miss Dhannu (Daughter)  —Pgs. 180

• Smt. Misha Bharti  —Pgs. 181

• Shailesh Kumar (Spouse) —Pgs. 182

• Miss Durga Bharti (Dependent 1)  —Pgs. 184

• Miss Gauri Bharti (Dependent 2)  —Pgs. 185

लालू परिवार के मॉल, मिट्टी घोटाले एवं

बेनामी संपत्ति का रिकाॅर्ड 40 पी.सी. के

जरिए सिलसिलेवार खुलासा —Pgs. 186

 

The Author

Sushil Kumar Modi

जन्म : 5 जनवरी, 1952 को।

शिक्षा : पटना विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि (वनस्पति विज्ञान)। स्नातकोत्तर (वनस्पति विज्ञान) में नामांकन, पढ़ाई छोड़कर जेपी आंदोलन में शामिल।

सार्वजनिक जीवन : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रदेश मंत्री; 1977 से 1986 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के नाते विद्यार्थी परिषद् के पूर्णकालिक कार्यकर्ता। उत्तर प्रदेश-बिहार के क्षेत्रीय संगठन मंत्री, विद्यार्थी परिषद् के दो बार राष्ट्रीय महामंत्री, पटना केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक, भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित। आठ साल तक नेता प्रतिपक्ष। बिहार में करोड़ों रुपए के घोटालों का पर्दाफाश किया।

सन् 2000 में बिहार सरकार के संसदीय कार्य मंत्री, 2005 से 2013 तक उप मुख्यमंत्री-सह-वित्त मंत्री रहे। देश भर के वित्त मंत्रियों की समिति के अध्यक्ष भी रहे। अमेरिका, चीन, जापान, मारीशस, इंग्लैंड सहित 22 से अधिक देशों की यात्राएँ।

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