Prabhat Prakashan, one of the leading publishing houses in India eBooks | Careers | Publish With Us | Dealers | Download Catalogues
Helpline: +91-7827007777

Dr. Shyama Prasad Mukerjee Aur Kashmir Samasya   

₹500

In stock
  We provide FREE Delivery on orders over ₹1500.00
Delivery Usually delivered in 5-6 days.
Author Ritu Kohli
Features
  • ISBN : 9789351865568
  • Language : Hindi
  • ...more

More Information about International Finance: Theory and Policy, 10th ed.

  • Ritu Kohli
  • 9789351865568
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 2017
  • 312
  • Hard Cover

Description

डॉ श्यामाप्रसाद मुकर्जी ने अपना सार्वजनिक जीवन शिक्षाविद् के रूप में आरंभ किया। कलकत्ता विश्वविद्यालय के वे उपकुलपति रहे। तदुपरांत उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। बंगाल की प्रांतीय राजनीति में मुस्लिम लीग की सांप्रदायिकता से टक्कर ली, हिंदू महासभा के नेता के रूप में हिंदुओं के न्यायोचित हितों और अधिकारों का समर्थन किया और कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति का विरोध किया, राष्ट्रीय स्वातंत्र्य आंदोलन में भाग लेकर भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, देश का विभाजन होने की अपरिहार्य स्थिति उत्पन्न हो जाने पर बंगाल का विभाजन करवाया और बंगाल के बड़े हिस्से को पाकिस्तान में जाने से बचा लिया। आजादी के बाद उन्होंने नेहरू मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री के रूप में भारत के औद्योगिक विकास की नींव रखी और पूर्वी पाकिस्तान के हिंदुओं के उत्पीड़न और निष्क्रमण के मुद्दे पर नेहरू की नीतियों से असहमत होकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया। राजनीति में कांग्रेस के राष्ट्रीय विकल्प की आवश्यकता अनुभव कर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। कश्मीर के प्रश्न पर डॉ. मुकर्जी ने शेख अब्दुल्ला की अलगाववादी नीतियों का विरोध किया; धारा 370 की समाप्ति तथा जम्मू-कश्मीर केभारतमेंपूर्णविलयकेलिएआंदोलनकियाऔर अपनेजीवनकाबलिदानदिया।कश्मीर काप्रश्नअभीभीअनसुलझा ही है। प्रस्तुत पुस्तक में वर्णित डॉ. मुकर्जी का कर्तृत्व इस अनसुलझे प्रश्न के समाधान की दृष्टि प्रस्तुत करता है।

The Author

Ritu Kohli

डॉ. ऋतु कोहली वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। भारतीय राजनीतिक चिंतन तथा उससे संबंधित विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय से एम.ए. और एम.फिल. करने के बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। उनकी दो पुस्तको´ ‘Political Ideas of M.S. Golwalkar’ तथा ‘Kautilya’s Concept of Welfare State’ का प्रकाशन हो चुका है। समय-समय पर पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेख और पुस्तक समीक्षा भी लिखती रही हैं। समकालीन राजनीतिक विषयों पर उनका लेखन और विश्लेषण गहन और विद्वत्तापूर्ण है।

Customers who bought this also bought

WRITE YOUR OWN REVIEW