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Author Pradeep Thakur
Features
  • ISBN : 9789380839943
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : Ist
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  • Pradeep Thakur
  • 9789380839943
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • Ist
  • 2018
  • 160
  • Hard Cover

Description

अंकीय क्रांति (डिजिटल रेवोल्युशन) को ‘तीसरी औद्योगिक क्रांति’ के रूप में जाना जाता है। यह सादृश्य (एनालॉग), यांत्रिक (मेकैनिकल) व विद्युत् (इलेक्ट्रॉनिक) प्रौद्योगिकियों से अंकीय प्रौद्योगिकी (डिजिटल टेक्नोलॉजी) में बदलाव की क्रांति है।
भारत सरकार ‘डिजिटल इंडिया’ को अंकीय रूप से सशक्त समाज व ज्ञान अर्थव्यवस्था के विकास के बहूद्देशीय कार्यक्रम के रूप में तेजी से आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को आई.टी. (इंडियन  टैलेंट/भारतीय  प्रतिभा) + आई.टी.  (इन्फॉर्मेशन  टेक्नोलॉजी/सूचना प्रौद्योगिकी) = आई.टी. (इंडिया टुमारो/ कल के भारत) के रूप में अनोखे तरीके से परिभाषित किया था। ‘डिजिटल इंडिया’ परियोजना को तब भारी बल मिला था, जब 11 मार्च, 2016 को, ‘आधार (वित्तीय व अन्य अनुवृत्तियाँ, लाभों व सेवाओं की लक्षित  पहुँच)  अधिनियम,  2016’ लोकसभा में पारित किया गया था। उसके बाद 8 नवंबर, 2016 को विमुद्रीकरण  और 1 जुलाई, 2017 से वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) को लागू कर भारत सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ के महत्त्वाकांक्षी सपने को साकार करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाया। इस प्रकार भारत में ‘अंकीय क्रांति’ तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी भी इसकी राह में कई चुनौतियाँ हैं।
विश्वास है कि ‘भारत में डिजिटल क्रांति’ सभी सुधी पाठकों को इससे जुड़ी जटिल प्रक्रिया को समझने में भरपूर मदद करेगी।

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अनुक्रम

भूमिका — 7

1. — वैश्विक अंकीय क्रांति व सामाजिक-आर्थिक प्रभाव — 11

अंकीय क्रांति का संक्षिप्त इतिहास — 13

अंकीय प्रौद्योगिकियों का अभूतपूर्व विस्तार — 19

डिजिटल क्रांति का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव — 21

2. — वैश्विक अंकीय विभाजन और सूचना-समाज का विकास — 26

अंकीय विभाजन पाटने की बाधाएँ व समाधान — 27

सूचना-समाज के लिए संयुक्त राष्ट्र की पहल — 35

3. — सूचना-समाज की वर्तमान स्थिति — 50

सिकुड़ता जा रहा है ध्वनि-बाजार — 51

ब्रॉडबैंड बाजार व इंटरनेट की पहुँच — 59

इंटरनेट ‘बैकबोन’ व ‘बैंडविड्थ’ — 73

इंटरनेट-पहुँचवाले परिवार — 77

आई.सी.टी. का उपयोग — 86

इंटरनेट विषय-सामग्री एवं सामाजिक जन-संपर्क माध्यम — 92

साकार हो रहा ‘इ-गवर्नमेंट’ का सपना — 110

आई.सी.टी. विकास सूचकांक (आई.डी.आई.) — 116

4. — भारत में दूरसंचार का विकास — 120

भारतीय दूरसंचार का संक्षिप्त इतिहास — 121

इक्कीसवीं सदी में भारतीय दूरसंचार क्रांति — 127

दूरसंचार क्षेत्र की बाजार स्थिति व रुझान — 130

5. — डिजिटल इंडिया के सपने व चुनौतियाँ — 141

डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण व योजनाएँ — 142

प्रधानमंत्री के सुनहरे सपने व दूरदृष्टि — 147

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की चुनौतियाँ — 158

 

The Author

Pradeep Thakur

वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप ठाकुर को भारत के प्रमुख मीडिया समूहों (दिल्ली प्रेस, अमर उजाला व दैनिक जागरण) में विभिन्न संपादकीय पदों पर काम करने और विविध विषयों पर लिखने व विश्लेषण प्रस्तुत करने का दो दशक से भी अधिक समय का अनुभव प्राप्त है। उनकी अंग्रेजी में प्रकाशित कृतियाँ हैं : ‘टाटा नैनो : द पीपल्स कार’, ‘कैरीइंग धीरूभाई’, ‘विजन फॉरवर्ड : मुकेश अंबानी’, ‘द शाइनिंग स्टार ऑफ अमेरिका एंड द वर्ल्ड : बराक ओबामा’, ‘द किंग ऑफ स्टील : लक्ष्मी एन. मित्तल’, ‘अन्ना हजारे : द फेस ऑफ इंडिया अगेंस्ट करप्शन’, ‘एंजेलीना 
जोली : इज शी द मोस्ट पॉवरफुल सेलिब्रिटी’ और ‘टाइगर इन द वुड्स : द स्टोरी ऑफ नं. 1 स्पोर्ट्स-ब्रांड टाइगर वुड्स’।

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