Atal Bihari Vajpayee

Atal Bihari Vajpayee

Atal Bihari Vajpayee

Shri Atal Bihari Vajapyee has been a patriotic social activist since early childhood, when the country was still under British colonial rule. He started writing poetry during school days. He has always been a poet at heart keeping social sensitivity. He develops intimate relationship with fellow human beings and the nation with intense feelings which find expression in his poetry. He is a critically acclaimed poet. Shri Atal Bihari Vajpayee has been an influence on the Indian society. He, as an illustrious parliamentarian and an intellectual with deep understanding on national and international affairs has been an active participant in shaping India’s post-Independence–domestic and foreign policies. He commands respect for his liberal worldview and commitment to democratic ideals.

He was Prime Minister of India through three democratic mandates. Arvind Shah is a poet, translator and a children’s writer. His publications include children’s books, poems and translations. His translations represent the sentiments of the poet.

भारतीय राजनीति के खिर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ओजस्वी कवि और प्रखर वक्‍ता हैं। उनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ग्वालियर, म.प्र. में हुआ। उन्होंने राजनीति-शास्‍त्र से एम.ए. तक की शिक्षा प्राप्‍त की तथा एक पत्रकारर के रूप में अपना जीवन शुरू किया। पिछले 55 वर्षों के लंबे कालखंड में उन्होंने भारतीय राजनीति में जो गरिमापूर्ण योगदान दिया वह एक आदर्श रहा है। राष्‍ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सन‍् 1992 में राष्‍ट्रपति ने उन्हें ‘पद‍्म विभूषण’ से विभू‌‌ष‌ित किया। 1993 में कानपुर विश्‍वविद्यालय ने उन्हें फिलॉसफी में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। 1994 में ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ दिया गया। 1994 में ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ दिया गया। 1994 में में ‘सर्वश्रेष्‍ठ सांसद’ चुना गया और ‘गोविंद बल्लभ पंत पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया।
भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ओजस्वी कवि और प्रखर वक्‍‍ता हैं। उनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ग्वालियर, म.प्र. में हुआ। उन्होंने राजनीति-शास्‍त्र से एम.ए. तक की शिक्षा प्राप्‍त की तथा एक पत्रकार के रपू में अपना जीवन शुरू किया। पिछले 55 वपर्षों के लंबे कालखंड में उन्‍होंने भारतीय राजनीति में जो गरिमापूर्ण योगदान दिया वह एक आदर्श रहा है। राष्‍ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सन‍् 1992 में राष्‍ट्रप‌ित ने उन्हें ‘पद‍्म विभूषण’ से विभूषित किया। 1993 में कानपुर विश्‍वविद्यालय ने उन्हें फिलॉसफी में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। 1994 में ‘लोकमान्य ‌तिलक पुरस्कार’ दिया गया। 1994 में ‘सर्वश्रेष्‍ठ सांसद’ चुना गया और ‘गो‌व‌िंद बल्लभ पंत पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया।
अटलजी को ‘कैदी कविराय की कुंडलियाँ’, ‘न्यू डाइमेंशंस ऑफ एशियन फॉरेन पॉलिसी’, ‘मृत्यु या ’हत्या‘, ‘जनसंघ और मुसलमान’, ‘मेरी इक्‍यावन कविताएँ’, ‘मेरी संसदीय यात्रा’ (चार खंड), ‘संकल्प-काल’ एवं ‘गठबंधन की राजनीति’ जैसी पुस्तकें ‌ल‌िखने का श्रेय प्राप्‍त है।

Books by Atal Bihari Vajpayee

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