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Pyari Astha Ko Pita Ki Paati   

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Author Kaajal Oza Vaidya
Features
  • ISBN : 9789351869139
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1
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  • Kindle Store

More Information

  • Kaajal Oza Vaidya
  • 9789351869139
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1
  • 2016
  • 200
  • Hard Cover

Description

पिछला वर्ष पूरा हो गया और साथ ही समाप्त हो गईं कितनी कठिनाइयाँ, कितने प्रश्न!
मैंने तुझे कहा था न, हर नया सूर्योदय नए आनंद के साथ आता है! ईश्वर भी मनुष्य की हिम्मत और उसके संजोगों के सामने लड़ने की तैयारी कितनी है, इसकी जाँच करता है कभी। हमारे साथ भी ऐसा ही 
हुआ है।
हमने साथ मिलकर परिस्थिति के सामने जो हिम्मत भरी लड़ाई लड़ी है, उसे देखकर शायद भगवान् को भी समझ में आ गया होगा कि वह हमें इससे अधिक दुःखी नहीं कर सकता।
जिंदगी कभी भी हम सहन न कर सकें, उससे ज्यादा तकलीफ देती ही नहीं है। 
तू समझी? हमें अपनी सहन-शक्ति को बढ़ाना है, अर्थात् जिंदगी ने जो तकलीफ दी है, वह हर बार हम सहन कर सकें, उससे कम ही लगती है।
बेटा! मुझे तुझसे कहना चाहिए कि तू इन परिस्थितियों की लड़ाई में जिस तरह मेरे साथ रही और तूने जिस तरह मेरा साथ दिया, उस बात ने मुझे बहुत हिम्मत और शक्ति दी है। बेटा, मैंने तुझे कभी-कभी रोल रिवर्स करके तेरी मम्मी की माँ बनते हुए तुझे देखा है। इन थोड़े से दिनों में ही तू मानो अचानक ही कुछ वर्ष बड़ी हो गई हो, ऐसा मुझे 
लगता है।
—इसी पुस्तक से
——1——
पिता द्वारा पुत्री को लिखीं ममत्व भरीं, जीवन के मर्म को समझातीं, सकारात्मकता जाग्रत् करतीं पातियाँ, जो हर बालिका को संदेश देती प्रतीत होती हैं।
एक अत्यंत भावुक पुस्तक!

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अनुक्रम

भूमिका — Pgs. 7

1. प्यारी आस्था, 7 वर्ष — Pgs. 11

2. प्यारी आस्था, 8 वर्ष — Pgs. 19

3. प्यारी आस्था, 9 वर्ष — Pgs. 28

4. प्यारी आस्था, 10 वर्ष — Pgs. 37

5. प्यारी आस्था, 11 वर्ष — Pgs. 45

6. प्यारी आस्था, 12 वर्ष — Pgs. 54

7. प्यारी आस्था, 13 वर्ष — Pgs. 63

8. प्यारी आस्था, 14 वर्ष — Pgs. 73

9. प्यारी आस्था, 15 वर्ष — Pgs. 83

10. प्यारी आस्था, 16 वर्ष — Pgs. 92

11. प्यारी आस्था, 17 वर्ष — Pgs. 103

12. प्यारी आस्था, 18 वर्ष — Pgs. 114

13. प्यारी आस्था, 19 वर्ष — Pgs. 122

14. प्यारी आस्था, 20 वर्ष — Pgs. 134

15. प्यारी आस्था, 21 वर्ष — Pgs. 147

16. प्यारी आस्था, 22 वर्ष — Pgs. 157

17. प्यारी आस्था, 23 वर्ष — Pgs. 169

18. प्यारी आस्था, 24 वर्ष — Pgs. 179

19. प्यारी आस्था, 25 वर्ष — Pgs. 189

The Author

Kaajal Oza Vaidya

काजल ओझा वैद्य गुजराती साहित्यिक जगत् का एक विशिष्ट नाम है, जिन्होंने मीडिया, थिएटर, टेलीविजन और रेडियो पर विविध भूमिकाएँ निभाई हैं।
केवल सात वर्षों में उन्होंने 56 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें उपन्यास, कहानी-संग्रह, कविता, निबंध, नाटक आदि शामिल हैं। गुजरात युनिवर्सिटी एवं अमेरिका और लंदन की युनिवर्सिटी  में आप विजिटिंग फेकल्टी हैं। स्क्रीस्ट राइटिंग एवं ब्राडिंग के विषय पढ़ाती हैं। टेलिविजन के अनेक सफल सीरियल गुजराती एवं हिंदी में सफल धारावाहिक लिखे हैं। उनकी लिखी फिल्म ‘सप्तवदी’ देश-विदेश के फिल्म फेस्टिवल्स में सराही गई, उनके लिखे नाटक जैसे कि ‘परफेक्ट हसबंड’, ‘सिल्वर ज्युबिली’ के शो अमेरिका, लंदन, अफ्रीका और दुबई में हो चुके हैं।
उन्होंने अनेक लघु फिल्मों में दिग्दर्शन एवं अभिनय किया है।
‘प्रभात खबर’, ‘दिव्य भास्कर’, ‘गुजरात मित्र’, ‘फूलछाब-कच्छमित्र’, ‘मुंबई समाचार’ में उनके कॉलम अति लोकप्रिय हैं। ‘चित्रलेखा’ में उनके लिखे उपन्यास धारावाहिक रूप से चलते है

 

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