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Bhartrihari Ka Neeti-Shatak   

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Author Mool Chandra Pathak
Features
  • ISBN : 9789386054692
  • Language : Hindi
  • Publisher : Prabhat Prakashan
  • Edition : 1st
  • ...more

More Information

  • Mool Chandra Pathak
  • 9789386054692
  • Hindi
  • Prabhat Prakashan
  • 1st
  • 2017
  • 134
  • Hard Cover

Description

भर्तृहरि संस्‍कृत के लोकप्रिय कव‌ियों में से एक हैं । संस्कृत साहित्य में उनकी तीन कृतियों- ' नीति-शतक ', ' श्रृंगार -शतक ' एवं ' वैराग्य-शतक ' प्रसिद्ध हैं । यद्यपि कवि के रूप में भर्तृहरि का कृतित्व इन तीन शतकों तक ही सीमित है, किंतु गुणात्मक दृष्‍ट‌ि से उसे कवित्व व काव्यकला की सर्वोत्कृष्‍ट उपलब्धि माना जा सकता है ।
' नीति-शतक ' के सम्यक् अनुशीलन से ज्ञात होता है कि भर्तृहरि ने दुनिया को बड़ी गहराई तथा सूक्ष्म दृष्‍ट‌ि से देखा- समझा था । वस्तुत: कवि ने इस शतक में लोक-व्यवहार, सांसारिक जीवन तथा मानव-चरित्र व मानव-मूल्यों के सभी महत्वपूर्ण पक्षों का मर्मस्पर्शी विवेचन किया है । भर्तृहरि मनुष्य के व्यक्‍त‌ित्व में निहित समस्त उदात्त संभावनाओं के चरम उत्कर्ष को अपना अंतिम आदर्श मानते हैं; लेकिन सांसारिक जीवन की विसंगतियों, विकृतियों व क्षुद्रताओं को भी उन्होंने बेझिझक अनावृत किया है ।
आशा है, ' नीति-शतक ' का मुक्‍तछंद में किया गया यह अभिनव हृदयग्राही अनुवाद सुधी पाठकों को उसके अनुपम काव्य-सौंदर्य का आस्वादन कराने में सफल होगा ।

The Author

Mool Chandra Pathak

जन्म : 6 अक्‍तूबर, 1932 को जयपुर (राज.) में।
शिक्षा : एम.ए. (संस्कृत व हिंदी), पी-एच.डी. (संस्कृत)।
कृतित्व : ‘संस्कृत नाटक में अतिप्राकृत तत्त्व’ (शोध ग्रंथ), ‘सिकता का स्वप्न’ (काव्य-संग्रह), ‘राजरत्‍नाकर महाकाव्य’ हस्तलिखित प्रतियों के आधार पर संस्कृत मूलपाठ का संपादन एवं अनुवाद, ‘भगवद‍्गीता-काव्य’ (गीता का काव्यानुवाद), ‘भर्तृहरि का नीति शतक’, ‘भर्तृहरि का श्रृंगार शतक’, ‘भर्तृहरि का वैराग्य शतक’ (मुक्‍तछंदीय काव्यानुवाद), ‘रघुवंश महाकाव्य’ (काव्यानुवाद), ‘पर्यावरणशतकम्’ (संस्कृत काव्य)।
सम्मान-पुरस्कार : मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्‍ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली; राजस्थान सरकार तथा राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर द्वारा विद्वत्सम्मान।

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